China Artificial Sun: चीन बना रहा आर्टिफिशियल सूरज, कैसे बदलेगी दुनिया की तकनीक?
China Artificial Sun: चीन आसमान में कोई नया तारा नहीं टांगने जा रहा है. असल में, यह एक बहुत बड़ी मशीन है, जिसे वैज्ञानिकों की भाषा में न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर कहा जाता है.

China Artificial Sun: तकनीकी दुनिया में चीन हमेशा कुछ ऐसा कर दिखाता है, जिससे पूरी दुनिया चौंक जाती है. इस बार भी चीन कुछ ऐसा ही करने जा रहा है, जिसे सुनकर पूरी दुनिया चौंक गई. दरअसल, चीन एक ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जिसे आर्टिफिशियल सूरज यानी कृत्रिम सूर्य कहा जा रहा है. अब आप सोच रहे होंगे कि जब आसमान में असली सूरज मौजूद है, जो पूरी दुनिया को रोशनी देता है तो फिर चीन को अलग से नया सूरज बनाने की क्या जरूरत पड़ गई? और अगर यह सूरज सच में बन गया तो इससे हमारी और आपकी जिंदगी में क्या बदलाव आएगा.
क्या है चीन का आर्टिफिशियल सूरज?
सबसे पहले यह साफ कर दें कि चीन आसमान में कोई नया तारा नहीं टांगने जा रहा है. असल में, यह एक बहुत बड़ी मशीन है, जिसे वैज्ञानिकों की भाषा में न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर कहा जाता है. यह मशीन ठीक उसी तकनीक पर काम करती है, जिस तकनीक से असली सूरज हमें गर्मी और रोशनी देता है. चीन का लक्ष्य साल 2030 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करना है.
चीन इसे क्यों बना रहा है?
चीन इसे अपनी बिजली खपत को पूरा करने के लिए बना रहा है. दरअसल, आज हम बिजली बनाने के लिए कोयला, डीजल या गैस का इस्तेमाल करते हैं. ये सब चीजें एक न एक दिन खत्म हो जाएंगी, लेकिन इस नई तकनीक की मदद से चीन लाखों सालों तक बिना रुके बिजली बना सकता है. साथ ही दूसरा बड़ा कारण है प्रदूषण को कम करना. दरअसल, कोयला जलाने से बहुत अधिक धुआं और प्रदूषण होता है, जिससे ग्लोबल वार्मिंग का खतरा बढ़ रहा है. लेकिन इस नकली सूरज से जरा सा भी धुआं या जहरीली गैस नहीं निकलेगी.और यह पूरी तरह से क्लीन एनर्जी यानी साफ-सुथरी ऊर्जा को बनाएगा. साथ ही आज के समय के परमाणु बिजलीघरों में धमाके का डर रहता है और उनसे खतरनाक कचरा निकलता है, लेकिन चीन की इस नई तकनीक में ऐसा कोई खतरा नहीं है. यह बिल्कुल सुरक्षित है.
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कैसे बदल जाएगी दुनिया की तकनीक
अगर यह प्रोजेक्ट पूरी तरह सफल हो जाता है, तो आने वाले समय में दुनिया की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी. जब बिजली बनाने का खर्च लगभग खत्म हो जाएगा, तो हर घर को बहुत सस्ती या लगभग मुफ्त बिजली मिल सकेगी. फैक्ट्रियों में सामान बनना सस्ता हो जाएगा, जिससे मोबाइल, टीवी और गाड़ियां भी सस्ती हो सकती हैं. साथ ही इस तकनीक का इस्तेमाल भविष्य में रॉकेट इंजन बनाने में होगा. इससे हमारे अंतरिक्ष यान इतनी तेज चलेंगे कि मंगल ग्रह की यात्रा महीनों के बजाय कुछ दिनों में पूरी हो जाएगी.
आज के समय में दुनिया में पीने के पानी की भारी कमी है. इस सूरज से मिलने वाली असीमित बिजली की मदद से समुद्र के खारे पानी को बहुत कम खर्च में पीने लायक मीठा पानी बनाया जा सकेगा. आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बड़े कंप्यूटरों को चलाने के लिए बहुत ज्यादा बिजली चाहिए होती है, तो इस तकनीक की मदद से इंटरनेट और कंप्यूटर काफी सुपरफास्ट हो जाएंगे.
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