Android यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! अब चंद स्टेप्स में शेयर कर सकेंगे Passkey
Android यूजर्स अब कुछ आसान स्टेप्स में Passkey शेयर कर सकेंग. जानिए यह नया फीचर कैसे काम करता है और Passkey को दूसरे डिवाइस पर सुरक्षित तरीके से कैसे ट्रांसफर करें.

आज के समय में ऑनलाइन अकाउंट्स की सुरक्षा के लिए पासवर्ड की जगह Passkeys तेजी से फेमश हो रही हैं. पासकी का सबसे बड़ा फायदा ये है कि यूजर को हर अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड, PIN या कोड याद रखने की जरूरत नहीं पड़ती है. इसके साथ ही इन्हें नॉर्मल पासवर्ड के मुकाबले में ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. हालांकि, अब तक पासकी को एक डिवाइस या Password Manager से दूसरे में ले जाना इतना आसान नहीं था. Google ने Android यूजर्स के लिए इस समस्या को काफी हद तक हल कर दिया है.
अब पासकी को भी कर सकेंगे ट्रांसफर
Google ने Android में ऐसा सिस्टम उपलब्ध कराया है जिसकी मदद से यूजर अपने Passwords के साथ-साथ Passkeys को भी एक Password Manager से दूसरे में ट्रांसफर कर सकता है. यानी अगर कोई व्यक्ति Google Password Manager से Bitwarden या 1Password जैसे किसी दूसरे मैनेजर पर जाना चाहता है तो उसे अपने सभी अकाउंट्स के लिए दोबारा पासकी बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ये फीचर्स खासतौर पर उन लोगों के लिए कारगर साबित हो सकती है जो अलग-अलग स्मार्टफोन, कंप्यूटर या दूसरे प्लेटफॉर्म पर एक ही अकाउंट इस्तेमाल करते हैं.
पहले पासकी ट्रांसफर करना क्यों मुश्किल था?
पहले Password Manager बदलना आसान काम नहीं था. किसी दूसरे मैनेजर में जाने पर यूजर अपने पासवर्ड तो एक्सपोर्ट कर सकता था लेकिन पासकी को एक सेवा से दूसरी सेवा में ले जाने का ऑप्शन उपलब्ध नहीं था. कई मामलों में पासवर्ड को साधारण टेक्स्ट फाइल में एक्सपोर्ट करना पड़ता था जो सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा से भरा हो सकता है.
पासकी के मामले में कंडिशन और मुश्किल थी. अगर पासकी किसी पुराने मैनेजर या डिवाइस में मौजूद है और उसे दूसरे मैनेजर में इस्तेमाल करना है तो अक्सर अलग-अलग वेबसाइट और ऐप में जाकर नई पासकी बनानी पड़ती थी.
कैसे ट्रांसफर होगी Passkey?
Android में पासकी और पासवर्ड ट्रांसफर करने के प्रोसेस को काफी सरल बनाया गया है. यूजर को जिस Password Manager से डेटा ट्रांसफर करना है, उसमें जाकर Import या Copy Passwords जैसे ऑप्शन का इस्तेमाल करना होगा. इसके बाद Android खुद प्रोसेस को संभालता है.
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सिस्टम आपके डिवाइस में मौजूद Password Managers और दूसरे संबंधित प्रोवाइडर्स की पहचान कर सकता है. इसके बाद सुरक्षित तरीके से डेटा ट्रांसफर करने के लिए उपलब्ध विकल्प दिखाए जाते हैं.
यूजर अपनी पसंद का विकल्प चुनकर स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करता है. Google के अनुसार, ये प्रोसेस 1Password, Bitwarden, Google Password Manager और Dashlane जैसे लोकप्रिय टूल्स के साथ काम कर सकती है.
Password Manager बदलने वालों के लिए बड़ा फायदा
इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा उन यूजर्स को होगा जो अपने सभी डिवाइस पर एक ही पासकी इस्तेमाल करना चाहते हैं. जैसे अगर आपकी पासकी Google Password Manager में सेव है और आप Bitwarden पर शिफ्ट होना चाहते हैं तो अब उन्हें एक-एक करके दोबारा सेटअप करने की जरूरत कम हो जाएगी.
Chrome में डिफॉल्ट तौर पर Google Password Manager पासकी को मैनेज करता है. हालांकि यूजर अपनी पसंद के दूसरे Password Manager का इस्तेमाल भी कर सकता है. इसी तरह कुछ लोग पासकी को अलग-अलग डिवाइस के बीच सिंक करने के लिए दूसरे मैनेजर का सहारा लेते हैं.
पासकी का इस्तेमाल क्यों बढ़ रहा है?
Passkeys को पारंपरिक Passwords का ज्यादा सुरक्षित ऑप्शन माना जाता है. इनमें यूजर को पासवर्ड याद रखने या बार-बार OTP और PIN डालने की जरूरत कम हो जाती है. यही वजह है कि बड़ी संख्या में यूजर्स अब धीरे-धीरे पासवर्ड से पासकी की ओर बढ़ रहे हैं.
हालांकि, पासकी का असली फायदा तभी मिलता है जब उन्हें सुरक्षित तरीके से अलग-अलग डिवाइस और सर्विसेज पर इस्तेमाल किया जा सके. Android का नया ट्रांसफर सिस्टम इसी प्रोसेस को आसान बनाने की दिशा में जरूरी कदम है. इससे Password Manager बदलना पहले के मुकाबले में काफी आसान हो जाता है.
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