Apple के दाम बढ़ने के बाद क्या ऑप्शंस, क्या यह Windows और Android पर शिफ्ट होने का सही समय?
Apple Price Hike: ऐप्पल ने अपने कई प्रोडक्ट्स महंगे कर दिए हैं और आईफोन की कीमतें भी जल्दी बढ़ सकती है. ऐसे में क्या यह विंडोज और एंड्रॉयड पर शिफ्ट होने का सही समय है?

- चिप लागत बढ़ने से ऐप्पल ने आईपैड, मैकबुक के दाम बढ़ाए।
- एआई बूम के कारण चिप आपूर्ति में कमी हुई है।
- उपयोगकर्ताओं के पास सैमसंग, गूगल जैसे विकल्प मौजूद हैं।
- बजट या अपग्रेड चाहने वाले विंडोज-एंड्रॉयड पर शिफ्ट हो सकते हैं।
Apple Price Hike: स्टोरेज और मेमोरी चिप्स की बढ़ती लागत की चपेट में ऐप्पल के ग्राहक भी आ गए हैं. कंपनी ने आईपैड और मैकबुक समेत कई प्रोडक्ट्स की कीमत में इजाफा कर दिया है. यह भी लगभग तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में आईफोन के दाम भी बढ़ने वाले हैं. जापान में रिटेलर्स ने तो इसकी शुरुआत भी कर दी है. ऐप्पल के दाम बढ़ने के बाद यह सवाल पूछा जा रहा है कि लोगों के पास क्या ऑप्शंस रह गए हैं और क्या यह विंडोज और एंड्रॉयड पर शिफ्ट होने का सही समय है? आइए इन सवालों के जवाब जानते हैं.
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
एआई बूम के कारण डेटा सेंटर में स्टोरेज और मेमोरी चिप्स की डिमांड बढ़ गई है. कंपनियां इस डिमांड को पूरा करने में जुट गई हैं, जिस कारण स्मार्टफोन और लैपटॉप आदि के लिए चिप्स की कमी हो गई. कमी के कारण इनकी कीमत बढ़ गई और अब ऐप्पल, सैमसंग, लेनोवो और डेल जैसी कंपनियों को अपने फोन और लैपटॉप बनाने के लिए ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है. इसी बढ़ी लागत को पूरा करने के लिए कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स महंगे कर रही हैं.
ऐप्पल के दाम बढ़ने के बाद यूजर्स के पास क्या ऑप्शंस?
ऐसा नहीं है कि ऐप्पल के प्रोडक्ट्स महंगे होने के बाद मार्केट में ऑप्शंस की कमी हो गई है. अगर स्मार्टफोन सेगमेंट की बात करें तो सैमसंग, गूगल, ओप्पो और वीवो समेत कई कंपनियां आईफोन को कड़ी टक्कर देने वाले मोबाइल लॉन्च कर चुकी हैं. इसी तरह लैपटॉप मार्केट में भी माइक्रोसॉफ्ट, लेनोवो और डेल समेत कई कंपनियों के बेहतरीन मॉडल अवेलेबल हैं.
क्या यह विंडोज और एंड्रॉयड पर शिफ्ट होने का सही समय?
इस सवाल का जवाब कई चीजों पर निर्भर करता है. अगर आप तय बजट से ज्यादा पैसा नहीं खर्च करना चाहते तो ऐप्पल की जगह दूसरी कंपनियों के फोन और लैपटॉप खरीदे जा सकते हैं. इनमें आपको कम पैसे देकर ज्यादा फीचर्स मिल जाएंगे. इनकी रिपेयरिंग कॉस्ट भी कम है और अगर आप लैपटॉप को आगे चलकर अपग्रेड करना चाहते हैं तो विंडोज लैपटॉप में आपको रैम और स्टोरेज अपग्रेड करने की फ्लेक्सिबिलिटी मिल जाएगी. मैकबुक में यह ऑप्शन नहीं होता. वहीं फीचर और टेक्नोलॉजी के मामले में भी दूसरी कंपनियां ऐप्पल से पीछे नहीं रही हैं. कई एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में आईफोन से भी जबरदस्त फीचर्स दिए जा रहे हैं.
किन ग्राहकों को है सोचने की जरूरत?
अगर आपके ऐप्पल इकोसिस्टम का यूज कर रहे हैं तो आपको ऐप्पल के साथ ही टिके रहना चाहिए. एंड्रॉयड और विंडोज पर शिफ्ट होने के बाद इकोसिस्टम ज्यादा असरदार नहीं रहेगा. इसके अलावा अगर वीडियो एडिटिंग जैसे हैवी टास्क करते हैं तो विंडोज की बजाय ऐप्पल प्रोडक्ट पर पैसा खर्च करना समझदारी होगी.
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