Anthropic Claude ने हैक कर लिया ChatGPT, AI ही बना AI का दुश्मन
साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने Anthropic के Claude AI की मदद से ChatGPT maker OpenAI का इंटरनल सिस्टम किया हैक, कंपनी ने बग बाउंटी के तहत दिया इनाम, एआई की बढ़ती ताकत ने बढ़ाई सुरक्षा चिंताएं.

पिछले हफ्ते AI इंडस्ट्री से एक ऐसी खबर सामने आई, जिसने पूरी टेक दुनिया को चौंका दिया. सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने Anthropic के AI मॉडल Claude का इस्तेमाल करके OpenAI के ChatGPT सिस्टम में सेंध लगा दी. यह घटना 18 सितंबर 2026 को Hacktron AI नाम की एक इंडिपेंडेंट सिक्योरिटी रिसर्च कंपनी ने सार्वजनिक की, जिसके बाद वॉल स्ट्रीट जर्नल और सीबीएस न्यूज जैसे बड़े मीडिया हाउस ने भी इसकी पुष्टि की.
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि यह मामला कोई खुद से हुआ एआई बनाम एआई युद्ध नहीं था, बल्कि इंसानी सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने Claude को एक टूल की तरह इस्तेमाल करके यह कारनामा किया.
कैसे हुई पूरी हैकिंग?
Hacktron AI की तीन सदस्यों वाली टीम ने OpenAI के बग-बाउंटी प्रोग्राम के तहत यह टेस्टिंग की थी. रिसर्चर्स ने सबसे पहले OpenAI के हेल्प फोरम, जो डिस्कोर्स नाम के सॉफ्टवेयर पर बना है, में एक कमजोरी ढूंढी. इस खामी की मदद से उन्होंने सर्वर तक पहुंच बनाई और OpenAI के कर्मचारियों की अकाउंट जानकारी हासिल कर ली. इसके बाद उन्होंने इसी जानकारी का इस्तेमाल करके OpenAI के कर्मचारियों के ChatGPT और कोडेक्स अकाउंट पर कब्जा कर लिया.
Claude ने कैसे की मदद?
दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में रिसर्चर्स ने Claude Opus 4.8 के एक खास साइबर सिक्योरिटी वर्जन का इस्तेमाल किया था, लेकिन यह मॉडल एक कामयाब एक्सप्लॉइट यानी सेंधमारी का तरीका बनाने में कई बार नाकाम रहा. लेकिन जैसे ही Anthropic ने Claude Opus 5 लॉन्च किया, रिसर्चर्स ने उसी समस्या को दोबारा इस नए मॉडल को दिया और कुछ ही घंटों में यह मॉडल कामयाब एक्सप्लॉइट बनाने में सफल रहा. Hacktron के मुताबिक शुरुआती खोज से लेकर OpenAI के इंटरनल रिपॉजिटरी तक पहुंच बनाने में कुल 72 घंटे से भी कम समय लगा.
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कितनी गंभीर थी यह सेंधमारी?
रिसर्चर्स के मुताबिक, चूंकि लोग अपने चैटजीपीटी और कोडेक्स अकाउंट को Github, Slack और ईमेल जैसी कई अलग-अलग सर्विसेज से जोड़ते हैं, इसलिए इस खामी के जरिए संभावित रूप से इन सभी सिस्टम तक पहुंचा जा सकता था. कर्मचारी के अकाउंट पर कब्जे के बाद रिसर्चर्स OpenAI के इंटरनल कोड रिपॉजिटरी तक भी पहुंच गए, जहां उन्होंने अपनी मौजूदगी के सबूत भी छोड़े, ताकि यह साबित हो सके कि यह सेंधमारी वाकई कामयाब रही.
OpenAI ने क्या दिया जवाब?
Hacktron की टीम ने यह खामी तुरंत OpenAI और डिस्कोर्स दोनों को रिपोर्ट कर दी, जिसके बाद दोनों कंपनियों ने मिलकर 27 जुलाई 2026 को इस खामी को ठीक किया. OpenAI ने जिम्मेदार तरीके से इस खामी की जानकारी देने के लिए रिसर्चर्स को 6,500 डॉलर यानी करीब साढ़े पांच लाख रुपये का बग-बाउंटी इनाम भी दिया. कंपनी का कहना है कि हैकट्रॉन द्वारा बताई गई सभी खामियों को अब पूरी तरह ठीक कर दिया गया है.
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