ग्रेटर नोएडा: यमुना प्राधिकरण की अवैध खनन और निर्माण पर बड़ी कार्रवाई, प्रशासन हुआ सख्त
Uttar Pradesh: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध खनन व निर्माण पर बड़ी कार्रवाई शुरू हुई. सीईओ राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर सख्त निगरानी और ध्वस्तीकरण अभियान तेज है.

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध खनन एवं अवैध निर्माण के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया गया है. क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों और बढ़ती अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए व्यापक स्तर पर निगरानी और कार्रवाई की नई व्यवस्था लागू की गई है.
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर 18, 20, 22डी, 24, 24ए, 22ई, 21, 28, 29, 32, 33 आदि में पहले से ही अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई हेतु 85 भूतपूर्व सेवानिवृत्त सैनिक तैनात किए गए थे. अब मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्देश पर सेक्टर 05, 08, 08डी, 09, 11 आदि क्षेत्रों में भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 10 अतिरिक्त भूतपूर्व गनमैन और सैनिकों की तैनाती की गई है.
धारा 10 के अंतर्गत अवैध निर्माण पर होगी अवैध कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, गश्त व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए पूर्व से उपलब्ध 04 बोलेरो वाहनों के अतिरिक्त 01 नया बोलेरो वाहन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है. सभी तैनात भूतपूर्व सैनिक और गनमैन वाहनों के माध्यम से क्षेत्र में नियमित भ्रमण करते हुए अवैध खनन और अवैध निर्माण गतिविधियों पर सतत निगरानी रखेंगे.
गौरतलब है कि प्राधिकरण के सुरक्षा बल को अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई करने के साथ-साथ अवैध निर्माण पर भी नियंत्रण की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस व्यवस्था के अंतर्गत सुरक्षा बल संबंधित क्षेत्र की पुलिस, प्राधिकरण के परियोजना विभाग तथा भूलेख विभाग के अधिकारियों को प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे. संबंधित लेखपाल और तहसीलदार सुरक्षा बल की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार धारा 10 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण सुनिश्चित करेंगे.
अवैध निर्माण के मामलों में की जाएगी समयबद्ध कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, संबंधित क्षेत्र के लेखपाल एवं परियोजना अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उनके क्षेत्र में यदि किसी प्रकार का अवैध निर्माण पाया जाता है तो वे स्वयं उत्तरदायी माने जाएंगे. इस निर्णय का उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करना है.
साथ ही, सभी विभागों के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए एक व्हाट्सएप समूह भी बनाया जाएगा. जिसमें सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं तत्काल साझा की जाएंगी. इससे अवैध निर्माण के मामलों में त्वरित और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी.
कार्यपालक अधिकारी ने सख्ती से पालन करने के दिए निर्देश
मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह की इस नई पहल के क्रम में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार द्वारा शनिवार सुबह सभी भूतपूर्व गनमैन और सैनिकों की बैठक ली गई. बैठक में उन्हें नए दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई तथा सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए. इस व्यापक अभियान से स्पष्ट है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अब अवैध खनन और अवैध निर्माण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रशासन द्वारा की जा रही यह कार्रवाई क्षेत्र में कानून व्यवस्था और विकास कार्यों को सुव्यवस्थित बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
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Source: IOCL






















