Krishna Mohan News: कौन हैं कृष्ण मोहन? राम मंदिर ट्रस्ट की संभालेंगे जिम्मेदारी, बैठक की 10 बड़ी बातें
Who Is Krishna Mohan: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि कृष्ण मोहन राम को अंतरिम महामंत्री बनाया गया है.

राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी कृष्ण मोहन को सौंपी गई है. कृष्ण मोहन अभी ट्रस्ट के सदस्य हैं और IFS अधिकारी रह चुके हैं. राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि कृष्ण मोहन राम को अंतरिम महामंत्री बनाया गया है. जिम्मेदारी मिलने पर कृष्ण मोहन ने कहा कि समाज के मन में जो अविश्वास का भाव पैदा हुआ है, उसे हम दूर करेंगे और फिर से विश्वास का भाव पैदा करेंगे.
कौन हैं कृष्ण मोहन राम?
73 साल के कृष्ण मोहन भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं. दलित समाज से आने वाले और मूल रूप से हरदोई के रहने वाले कृष्ण मोहन वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संघचालक हैं. उन्हें साल 2025 में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था. अब स्थायी महासचिव की नियुक्ति तक ट्रस्ट के प्रशासनिक संचालन की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी.
28 साल की तपस्या, 6.5 साल की जिम्मेदारी, चढ़ावा चोरी, 79 की उम्र में चंपत राय की अयोध्या से विदाई
बैठक की 10 बड़ी बातें
- राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक करीब तीन घंटे चली
- बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने मीडिया को संबोधित किया
- गोविंद देव ने कहा कि ट्रस्ट का काम फिलहाल कृष्ण मोहन देखेंगे
- गोविंद देव गिरि ने कहा कि बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर किया गया
- 22 जुलाई को ट्रस्ट की अगली बैठक होगी
- मंदिर का वातावरण चिंताजनक है- गोविंद देव
- गोविंद देव गिरि ने बताया कि चंपत राय ने कहा कि इस्तीफा स्वीकार करने के अलावा कोई चारा नहीं है
- 2800 वस्तुओं का रिकॉर्ड सुरक्षित है- गोविंद देव गिरि
- श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा, "कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है. गोपाल राव को बैठक में नहीं बुलाया गया था. चंपत राय भी बैठक में मौजूद नहीं थे."
- गोविंद देव गिरि ने कहा, "यह तय किया गया है कि ट्रस्टी बोर्ड के पूरी तरह से गठन के साथ-साथ, हमें नाम सुझाने के लिए तीन सदस्यों की एक समिति बनाई गई है. इस समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रदीप कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश जी हवारे शामिल हैं, जिन्होंने 10 साल तक शिरडी संस्थान का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया था. हमने इस तीन सदस्यीय समिति को अंतिम रूप दे दिया है; वे अलग-अलग उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेंगे और हमें नाम सौंपेंगे, जिनमें से हम अंतिम चयन करेंगे.
हमारा भी आग्रह है कि दोषियों को पकड़ा जाए-गोविंद देव गिरि
गोविंद देव गिरि ने कहा, ''हम साफ तौर पर कहना चाहते हैं कि चोरी चोरी होती है, और SIT अभी इसकी जांच कर रही है. यह मामला प्रशासन की ज़िम्मेदारी है. हमारा भी आग्रह है कि दोषियों को पकड़ा जाए-जिनमें वे साथी भी शामिल हैं जो शायद अभी भी छिपे हुए हैं और उन्हें उनके अपराध के लिए उचित सज़ा मिले. हम इस बात पर अडिग हैं.
दान की गई चीजों के गायब होने पर क्या बोले गोविंद देव गिरी?
गोविंद देव गिरि ने ये भी कहा कि आरोप लगाए जाते हैं कि कई अन्य बेहतरीन चढ़ावे और दान की गई चीजें भी गायब हो गईं. हम आपको दिखाने के लिए इन सभी चीजों का रिकॉर्ड रखने वाला रजिस्टर लाए हैं. हम उन सभी चीजों का विवरण पेश करेंगे जिनकी बात हो रही है.























