कौन हैं सपा में शामिल होने वाले धर्मेंद्र कश्यप? BJP से रहे दो बार सांसद
धर्मेंद्र कश्यप साल 2002 में बसपा के टिकट पर विधायक बने. इसके बाद सपा में शामिल हुए और 2007 में सपा के टिकट पर दोबारा विधायक चुने गए. मुलायम सिंह यादव की सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री भी रहे.

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले दल बदल का गेम शुरू हो गया है. इसी कंडी में बीजेपी को बरेली से बड़ा झटका लगा है. बरेली की आंवला लोकसभा सीट से बीजेपी के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप अपनी बेटी और समर्थकों के साथ सामाजवादी पार्टी की सदस्यता ली है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब उन्होंने पार्टी बदली हो. उन्होंने लगभग सभी पार्टियों में अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई है.
पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप का राजनीतिक सफर बसपा से शुरू हुआ था. इसके बाद सपा में भी रहे और बाद में भाजपा में शामिल होकर दो बार लोकसभा पहुंचे. 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी नीरज मौर्य से हार के बाद उनकी राजनीतिक राह बदलती नजर आई. अब एक बार फिर उन्होंने घर वापसी की है.
धर्मेंद्र कश्यप पहली बार 2002 में बसपा के टिकट पर विधायक बने. इसके बाद सपा में शामिल हुए और 2007 में सपा के टिकट पर दोबारा विधायक चुने गए. मुलायम सिंह यादव की सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री भी रहे. वर्ष 2009 में सपा के टिकट पर आंवला से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन मेनका गांधी से हार गए. 2013 में बीजेपी में शामिल होने के बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में आंवला से जीत दर्ज की. 2019 में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की. 2024 में सपा के नीरज मौर्य ने उन्हें 15,969 वोटों से हरा दिया.
राज्यसभा जाने का सपना देख रहे थे कश्यप
धर्मेंद्र कश्यप की अखिलेश यादव के साथ 11 अक्टूबर को अखिलेश यादव के साथ फोटो आई थी. इस टाइम राज्य में राज्यसभा चुनाव हो रहे थे. चर्चा थी कि धर्मेंद्र कश्यप राज्यसभा जाने का सपना देख रहे थे. ये सपना नहीं पूरा होने कर वो बागी हो गए थे. सदस्यता लेने के बाद उन्होंने कहा कि बीजेपी पार्टी में पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों को पर्याप्त सम्मान नहीं मिल रहा था.
बेटी शुरू करेगी सियासी सफर
धर्मेंद्र कश्यप के साथ उनकी बेटी कीर्ति कश्यप ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली है. चर्चा है कि वो 2027 विधानसभा चुनाव में अपना सियासी सफर शुरू कर सकती है.
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