यूपी विधान परिषद में उठा मॉडीफाइड साइलेंसर की कानफोड़ू आवाज का मुद्दा, बीजेपी MLC ने की ये मांग
UP News: बीजेपी एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने विधान परिषद में मॉडीफाइड साइलेंसर से बढ़ते ध्वनि और वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाया. उन्होंने 80 डेसिबल से अधिक आवाज वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की.

उत्तर प्रदेश विधान परिषद में 16 फरवरी 2026 को BJP MLC विजय बहादुर पाठक ने एक बेहद अहम मुद्दा उठाया है. उन्होंने नियम 115 के तहत मॉडीफाइड साइलेंसर का मुद्दा उठाया और कहा कि आज कल दो पहिया वाहनों में मॉडीफाइड साइलेंसर के कारण वायु और ध्वनि प्रदूषण दोनों बढ़ रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने सरकार से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है.
बीजेपी नेता विजय बहादुर पाठक ने प्रमुख सचिव, विधान परिषद को संबोधित करते हुए कहा कि योगी सरकार ने यातायात व्यवस्था सुधारने और दुर्घटनाएं कम करने में सफलता पाई है. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई भी हुई है. इसके बावजूद राज्य के अलग-अलग जनपदों में तेज रफ्तार और तेज आवाज वाली बाइकों की समस्या बनी हुई है. अचानक बगल से गुजरती बाइकों के साइलेंसर की कानफोड़ू आवाज से लोग घबरा जाते हैं। देखते ही देखते बाइक आंखों से ओझल हो जाती है।
कैसे बढ़ रही है समस्या?
उन्होंने कहा कि बाइकर गैंग और कुछ शौकिया वाहन चालक नियमों को ताक पर रखकर आम लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं. मूल साइलेंसर हटाकर मॉडीफाइड साइलेंसर लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि बुलेट में पटाखे जैसी तेज आवाज से आम लोगों को परेशानी होती है. इस कारण ध्वनि प्रदूषण में भी बढ़ोतरी हो रही है साथ ही इसे सड़क सुरक्षा पर खतरा भी बताया. मोटर एक्ट के तहत मॉडीफाइड साइलेंसर लगाना नियम के विरुद्ध है उच्च न्यायालय ने जनहित याचिका में 80 डेसिबल से अधिक ध्वनि पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
पहले भी हुए निर्देश
28 जुलाई 2021 को परिवहन आयुक्त ने सभी अधिकारियों को अपने क्षेत्र में ऐसे वाहनों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश दिए थे. उस समय बड़े पैमाने पर अभियान चला और कार्रवाई भी हुई.
हालांकि प्रवर्तन प्रक्रिया में शिथिलता के कारण ऐसे वाहनों की संख्या फिर बढ़ने लगी है. विजय बहादुर पाठक ने मांग की कि जहां साइलेंसर मॉडीफाइड किए जाते हैं, उन स्थानों पर भी कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि ध्वनि प्रदूषण और सड़क हादसों पर प्रभावी नियंत्रण हो सके.
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