नूर फातिमा से मिलिए, 20 सालों से करा रहीं श्रीमद् भागवत कथा, शिव मंदिर का भी कराया निर्माण
UP News: वाराणसी के कंदवा क्षेत्र में 6 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है. इसका आयोजन नूर फातिमा नाम की एक महिला करा रही हैं. वह 20 सालों से यह आयोजन कर रही हैं.

काशी को गंगा जमुनी तहजीब वाला शहर कहा जाता है. मौजूदा समय में धार्मिक वर्चस्व वाली चर्चाओं के बीच इसी काशी से एक अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही है. वाराणसी की रहने वाली नूर फातिमा द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का विधि विधान से आयोजन कराया जा रहा है. यह बीते 20 वर्षों से कंदवा ( वाराणसी ) क्षेत्र में श्रीमद् भागवत, रामचरितमानस का पाठ करवा रही हैं, जिसमें आसपास के लोग भारी संख्या में शामिल होते हैं. उन्होंने कहा कि नमाज पढ़ने और अपने धर्म से जुड़े हुए सभी परंपराओं का निर्वहन करने के साथ-साथ उनकी हिंदू परंपराओं में भी पूरी आस्था है.
मुस्लिम महिला करा रहीं कथा का आयोजन
वाराणसी के कंदवा क्षेत्र में 6 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है. यह आयोजन चर्चा के केंद्र में इसलिए है क्योंकि इसको कराने वाली एक मुस्लिम महिला है जिनका नाम नूर फातिमा है. वह अधिवक्ता के तौर पर वाराणसी जनपद में कार्य कर रही हैं. शाम के वक्त श्रीमद्भागवत कथा आयोजन के दौरान एबीपी लाइव ने कथा सुनने वालों और नूर फातिमा से बातचीत की.
सपनों में आए शिवजी- नूर फातिमा
नूर फातिमा ने कहा, "मेरे पति का देहांत हो गया था. जीवन में कई उतार-चढ़ाव थे. इस दौरान भगवान शंकर की भक्ति भाव पूजन से जुड़ा सपना आया और इसके बाद से ही संकल्प लिया कि इस क्षेत्र में जहां पर कोई भी मंदिर नहीं है, वहां एक शंकर जी के मंदिर का निर्माण कराया जाएगा. सभी के सहयोग के साथ इस मंदिर का निर्माण भी हुआ."
2004 से करा रही हैं श्रीमद् भागवत
नूर फातिमा ने कहा कि वह 2004 से लेकर 2025 तक यहां श्री रामचरितमानस श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन करा रही हैं. उनका कहना है कि वह अपने धर्म से जुड़ी हुई सभी परंपराओं का निर्वहन करती हैं लेकिन उनकी आस्था हिंदू परंपराओं में भी है. इसमें उनको अपने घर वालों और अधिवक्ता समाज का भी सहयोग मिलता है.
भक्ति भाव से कथा सुनने पहुंचे लोग
देर शाम के बाद से ही श्रीमद् भागवत कथा को सुनने के लिए आसपास के लोग भारी संख्या में मंदिर पहुंचने लगते हैं. स्थानीय लोगों से भी एबीपी लाइव ने बातचीत की. इस दौरान कथा श्रोताओं ने नूर फातिमा का आभार जताया और उन्होंने कहा कि जो कार्य एक हिंदू नहीं कर सका वह इस क्षेत्र के लिए नूर फातिमा ने किया है. पूरे विधि विधान के साथ श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन होता है और उसे सुनने के लिए हर वर्ग के लोग यहां पर पहुंचते हैं. सबसे प्रमुख बात की इनके द्वारा ही इस क्षेत्र में रुद्रेश्वर महादेव शिव मंदिर का भी निर्माण कराया गया.
शिवपाल यादव ने यूपी सरकार पर लगाया गंभीर आरोप, बोले- 'BJP के ज्यादातर विधायक हैं लुटेरे'
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















