वाराणसी की 500 साल पुरानी रामलीला पर संकट के बादल, सड़क पर उतरे कलाकार, जानें पूरा मामला
UP News: वाराणसी में बुधवार के दिन लाटभैरव से सरैयां मार्ग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर की वजह से रामलीला का मंचन बाधित हो गया. इसे स्थगित करना पड़ा. इससे कलाकारों में असंतोष है.

देश के अलग-अलग जगह पर रामलीला का आयोजन जारी है. वहीं सांस्कृतिक शहर काशी में भी इस वर्ष अलग-अलग जगह पर रामलीला का आयोजन किया जा रहा है. यहां अनेक रामलीला आयोजन ऐसे भी है जो सैकड़ो वर्षों से परंपरागत तरीके से आयोजित किए जाते रहे हैं. मगर, इस बार एक रामलीला आयोजन में फ्लाईओवर निर्माण बाधा बनता हुआ नजर आ रहा है. अब इसे लेकर आयोजकों और रामलीला के बाल कलाकारों ने भी नाराजगी जताई है.
वाराणसी के लाट भैरव रामलीला से जुड़े व्यास पं. दयाशंकर त्रिपाठी ने इस मामले पर नाराजगी जताते हुए बताया कि काशी नगरी में 500 साल से इस पुराने लाट भैरव रामलीला का आयोजन किया जाता रहा है लेकिन बुधवार के दिन लाटभैरव से सरैयां मार्ग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर की वजह से रामलीला का मंचन बाधित हो गया. इसे स्थगित करना पड़ा. बैरकेडिंग की वज़ह से मंचन पूरा नहीं किया जा सका.
मंचन पूरा नहीं होने से कलाकारों में अंसतोष
इसके बाद न सिर्फ आयोजकों ने बल्कि श्री राम लक्ष्मण और मां सीता के रूप में रामलीला के बाल कलाकारों ने भी आयोजन पूरा न होने कों लेकर असंतोष व्यक्त किया. उनका कहना है कि 25, 26, 27 सितंबर को अगर इसी तरह मार्ग प्रतिबंध होने की वजह से उन्हें मंचन से रोका गया तो रामलीला इस बार नहीं हो सकेगी.
वहीं आयोजकों का यह भी कहना है कि पूर्व में भी अन्य धार्मिक आयोजन के लिए निर्धारित अवधि तक इस मार्ग को खोला गया था और इसलिए रामलीला आयोजन में भी किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं होनी चाहिए.
विभाग ने रामलीला आयोजकों को किया आश्वास्त
एबीपी न्यूज़ को मिली जानकारी के अनुसार लाट भैरव के रामलीला आयोजकों और सेतु निगम के JE के बीच इस मामले को लेकर बातचीत हुई है और विभाग की तरफ से उन्हें आश्वस्त किया गया है कि निश्चित ही इसका समाधान निकाला जाएगा. इसके लिए क्या विकल्प हो सकता है उस पर विचार किया जा रहा है. हालांकि अब देखना होगा कि 25, 26 ,27 सितंबर को लाट भैरव रामलीला का आयोजन किस प्रकार संपन्न कराया जाता है.
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