वाराणसी: गंगा नदी नावों के रूट तय, नियम तोड़ने पर 6 महीने जेल और 10 हजार फाइन
Varanasi News: दशास्वमेध ACP डॉ अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि पर्यटकों और नौका विहार करने वाले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है.जिसमें जुर्माना और जेल दोनों हो सकती है.

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 2022 के बाद गंगा घाट पर पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिली है. इसी क्रम में अधिकांश लोग वाराणसी के गंगा नदी में नौका विहार करने के लिए भी पहुंचते हैं, लेकिन बीते कुछ महीनों से गंगा नदी में नौका संचालन के दौरान ही ऐसी घटनाएं भी सामने आई है जिसके बाद अब जल पुलिस ने नौका संचालन के दौरान लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करने के दिशा निर्देश दिए है .
दशास्वमेध ACP डॉ अतुल अंजान त्रिपाठी ने एबीपी लाइव को जानकारी देते हुए बताया कि पर्यटकों और नौका विहार करने वाले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जलयान और जहाज़ पर लापरवाहीपूर्ण संचालन करने पर 6 महीने तक की जेल अथवा 10 हजार जुर्माना देना पड़ सकता है. नौका संचालन के दौरान वोट पर अधिक सवारी, लाइफ जैकेट का प्रयोग ना करवाना, तेज गति से नाव चलाना, सवारी बैठते उतारते समय लापरवाही करना, पर्यटकों से बदतमीजी मारपीट करना, गंगा नदी में मादक पदार्थ का सेवन करना अथवा बिना रजिस्ट्रेशन के बोट का संचालन करने पर सख्त कार्रवाई करने का दिशा निर्देश दिया है.
नाव संचालन के लिए एक रूट भी तय हुआ
इसके अलावा एसीपी ने यह भी जानकारी देते हुए बताया कि नमो घाट से अस्सी घाट और अस्सी घाट से नमो घाट तक नौका संचालन के लिए एक निर्धारित रूट भी तय किया गया है, उसका पालन करना सभी नाविकों के लिए अनिवार्य होगा. अगर गंगा नदी में वह उस रूट पर ही नाव नहीं चलाते हैं तो उन पर कार्रवाई भी होगी.
पब्लिक ने इस पहल का किया स्वागत
यहां बता दें कि गंगा में पिछले दिनों कई बार हादसे हुए थे, जिसके बाद सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे. अब स्थानीय प्रशासन ने इस पर स्कहती शुरू कर दी है. पब्लिक ने भी इस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बनी गाइड लाइन का स्वागत किया है.
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Source: IOCL

























