Uttarakhand Ka Mausam: 17 जुलाई तक बारिश का दौर जारी, इन जिलों के लिए अलर्ट; जानें अपने शहर का हाल
Uttarakhand Weather: मौसम विभाग के अनुसार, 15 से 17 जुलाई के बीच कुमाऊं और गढ़वाल के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. आईएमडी ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है.

उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र ने राज्य के लिए अगले सात दिनों का जिला स्तरीय मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए कई जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर की चेतावनी दी है. मौसम विभाग के अनुसार, 15 से 17 जुलाई के बीच कुमाऊं और गढ़वाल के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं.
17 जुलाई तक कई जिलों में रहेगा बारिश का असर
मौसम विभाग के अनुसार, 14 जुलाई को पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है, जबकि मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है. 15 जुलाई से वर्षा की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है. पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, अल्मोड़ा और नैनीताल में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
वहीं, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी और उधम सिंह नगर में भी कई स्थानों पर वर्षा का पूर्वानुमान है. 16 से 19 जुलाई तक राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है.
इन जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट
आईएमडी ने 15 जुलाई को चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इसके अगले दिन यानी 16 जुलाई को देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी वर्षा का अलर्ट रहेगा. वहीं 17 जुलाई को देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भी कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.
बिजली गिरने और तेज बारिश के दौर की भी चेतावनी
मौसम विभाग ने केवल बारिश ही नहीं बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की भी चेतावनी जारी की है. ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जैसे मैदानी जिलों में भी कुछ दिनों के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है.
भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा
आईएमडी ने अपने प्रभाव आधारित पूर्वानुमान में कहा है कि लगातार वर्षा के चलते संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में हल्के से मध्यम भूस्खलन, चट्टान गिरने, राष्ट्रीय और संपर्क मार्गों पर अवरोध, छोटे नालों और बरसाती नदियों के उफान तथा निचले इलाकों में जलभराव जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं. ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, पहाड़ी मार्गों पर वाहन सावधानी से चलाने, गरज-चमक के समय खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा बिजली गिरने की आशंका के दौरान सुरक्षित भवनों में रहने की सलाह दी है. प्रशासन को भी संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं.
फिलहाल फ्लैश फ्लड का खतरा नहीं
राहत की बात यह है कि मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन में उत्तराखंड के लिए फ्लैश फ्लड रिस्क (Flash Flood Risk) फिलहाल NIL यानी शून्य बताया गया है. हालांकि लगातार बारिश को देखते हुए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
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