उत्तराखंड में लगातार बारिश से हालात बिगड़े, कई जिलों में स्कूल बंद; भूस्खलन का अलर्ट जारी
Uttarakhand Weather News: उत्तराखंड में पिछले तीन दिनों से राज्य के सभी जिलों में लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण अलकनंदा और सरयू नदियों का जलस्तर बढ़ा है. वहीं IMD ने बारिश की चेतावनी जारी की है,

उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और पिछले तीन दिनों से राज्य के लगभग सभी जिलों में लगातार बारिश हो रही है. लगातार हो रही वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित होने लगा है, वहीं कई नदियां उफान पर बह रही हैं. मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, खासकर पर्वतीय जिलों में हालात और गंभीर हो सकते हैं.
प्रदेश में अलकनंदा, भागीरथी, काली और सरयू नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. प्रशासन ने नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. कई स्थानों पर नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया गया है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में समय रहते राहत और बचाव कार्य किया जा सके.
अगले 48 घंटों से कुमाऊं और गढ़वाल में बनी हुई भूस्खलन की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान कुमाऊं और गढ़वाल के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और भूस्खलन की संभावना बनी हुई है. पहाड़ी क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.
लगातार बारिश को देखते हुए बागेश्वर और चंपावत जिलों में एहतियातन स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है. जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है. इसके अलावा अन्य जिलों में भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर इसी तरह के फैसले लिए जा सकते हैं.
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पहाड़ी मार्गों पर मलबा और पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित
बारिश के चलते कई जगहों पर सड़कें बाधित हुई हैं. पहाड़ी मार्गों पर मलबा और पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार मार्गों को खोलने में जुटी हैं.
प्रशासन ने सभी जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी संवेदनशील इलाकों में तैनात की गई हैं. लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करें. कुल मिलाकर, उत्तराखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है.

























