मानसून के चलते केदारनाथ हेली सेवा अगले आदेश तक बंद, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रसाशन का फैसला
Uttarakhand News In Hindi: मानसून के सक्रिय होते ही केदारनाथ धाम की हेली सेवा पर रोक लगा दी गई है. जिला प्रशासन ने डीजीसीए की गाइडलाइन का पालन करते हुए यह कदम उठाया गया है.

उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय होते ही केदारनाथ धाम की हेली सेवा पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है. खराब मौसम और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अगले आदेश तक सभी हेलीकॉप्टर उड़ानों को स्थगित करने का निर्णय लिया है. इस फैसले का उद्देश्य यात्रा पर आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों को अपने-अपने बेस स्टेशनों पर लौटने के निर्देश
जिला प्रशासन के अनुसार, भारतीय विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की गाइडलाइन का पालन करते हुए यह कदम उठाया गया है. मानसून के दौरान अचानक मौसम बदलने, घने बादल, तेज बारिश और कम दृश्यता जैसी परिस्थितियों में हेली सेवाएं संचालित करना जोखिम भरा हो सकता है. ऐसे में किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए यह एहतियाती निर्णय लिया गया है.
प्रशासन ने सभी हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे तत्काल अपने-अपने बेस स्टेशनों पर लौट जाएं और अगले आदेश तक उड़ान संचालन बंद रखें. केदारनाथ हेली सेवा का उपयोग करने वाले हजारों श्रद्धालुओं को अब वैकल्पिक साधनों से यात्रा करनी होगी.
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हेली सेवा बंद होने के बाद श्रद्धालुओं के पास पारंपरिक मार्ग का ही विकल्प
हेली सेवा बंद होने के बाद अब श्रद्धालुओं के पास केदारनाथ धाम पहुंचने के लिए पारंपरिक मार्ग ही विकल्प के रूप में बचा है. यात्री अब पैदल यात्रा, खच्चर, टट्टू और पालकी के सहारे केदारनाथ धाम की यात्रा कर सकेंगे. हालांकि प्रशासन ने इन सभी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए हैं, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
इस बीच, मौसम विभाग ने भी राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. रुद्रप्रयाग समेत आसपास के इलाकों में 4 जुलाई तक तेज बारिश की संभावना जताई गई है. लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क मार्ग बाधित होने और नदी-नालों के उफान पर आने की आशंका भी व्यक्त की गई है.
जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को रखा अलर्ट मोड पर
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य लें और किसी भी तरह की लापरवाही से बचें. अनावश्यक यात्रा से परहेज करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह भी दी गई है.
जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. कुल मिलाकर, मानसून के प्रभाव को देखते हुए प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मौसम सामान्य होने और हालात अनुकूल बनने के बाद ही हेली सेवा दोबारा शुरू किए जाने की संभावना है.
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