उत्तराखंड: यमुनोत्री धाम में सभी श्रद्धालुओं का स्वागत, गैर हिंदुओं के प्रवेश पर समिति का रुख स्पष्ट
Char Dham Yatra 2025: समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा कि चारधाम यात्रा आस्था का विषय है और जो भी व्यक्ति श्रद्धा के साथ यहां आता है, वह अपने आप में सनातन परंपरा का सम्मान करने वाला होता है.

चारधाम यात्रा को लेकर इन दिनों अलग-अलग धामों में लिए जा रहे निर्णयों के बीच यमुनोत्री मंदिर समिति ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए बड़ा संदेश दिया है. जहां एक ओर बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की बात सामने आई है और गंगोत्री मंदिर समिति ने गैर सनातनियों के लिए पंचगव्य सेवन की शर्त रखी है, वहीं यमुनोत्री धाम ने इन फैसलों से अलग रास्ता अपनाया है.
मंगलवार को यमुनोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बयान जारी कर कहा कि धाम में आने वाले हर श्रद्धालु का ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा के तहत स्वागत किया जाएगा. उन्होंने साफ किया कि यहां किसी भी व्यक्ति से उसके धर्म या जाति के बारे में कोई प्रश्न नहीं किया जाएगा.
समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा कि चारधाम यात्रा आस्था का विषय है और जो भी व्यक्ति श्रद्धा के साथ यहां आता है, वह अपने आप में सनातन परंपरा का सम्मान करने वाला होता है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सरकार का दायित्व है कि वह यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया के तहत तय करे कि कौन तीर्थयात्री है और कौन पर्यटक. वहीं समिति के कोषाध्यक्ष प्रदीप उनियाल ने कहा कि यमुनोत्री धाम में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को सर्वोपरि रखा जाएगा. उनका कहना है कि धाम की परंपरा सभी श्रद्धालुओं को समान भाव से स्वीकार करने की रही है और आगे भी इसी परंपरा का पालन किया जाएगा.
गौरतलब है कि बदरीनाथ-केदारनाथ और गंगोत्री धाम में हाल ही में लिए गए निर्णयों के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या यमुनोत्री धाम भी इसी दिशा में कदम उठाएगा. हालांकि, मंदिर समिति ने इन अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि यमुनोत्री में इस तरह की कोई पाबंदी लागू नहीं की जाएगी. इस फैसले के बाद चारधाम यात्रा को लेकर अलग-अलग धामों की नीतियों में भिन्नता साफ तौर पर देखने को मिल रही है, जो आने वाले समय में बहस का विषय भी बन सकती है.
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