मंत्री रेखा आर्या पर टिप्पणी से मचा बवाल, BJP ने गणेश गोदियाल के खिलाफ करी FIR की मांग
Uttarakhand News: सरकार में खेल एवं महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्या पर गई टिप्पणी के विरोध में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने गणेश गोदियाल के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

उत्तराखंड सरकार में खेल एवं महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्या को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. इस संबंध में सोमवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपकर गोदियाल पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है.
गणेश गोदियाल ने सोशल मीडिया पर कि थी टिप्पणी
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि 4/6 जनवरी को गणेश गोदियाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और सार्वजनिक मंचों से मंत्री रेखा आर्या के खिलाफ आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणियां कीं है. उनका कहना है कि ये बयान सोच-समझकर दिए गए हैं, जिनका उद्देश्य एक दलित महिला मंत्री की छवि को धूमिल करना है. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इसे दलित विरोधी मानसिकता का परिचायक बताया है.
शिकायत पत्र में कहा गया है कि इस तरह की टिप्पणियां न केवल एक संवैधानिक पद पर आसीन मंत्री का अपमान हैं, बल्कि इससे प्रदेश भर में दलित समाज और आम जनता में भारी रोष व्याप्त है. आरोप लगाया गया कि राजनीतिक लाभ के लिए सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.
संबंधित धाराओं में गोदियाल पर तत्काल कार्रवाई की जाए
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अपनी शिकायत के साथ सोशल मीडिया पोस्ट के स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी संलग्न किए हैं, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच की जा सके. शिकायत की एक प्रति थाना कैंट के प्रभारी निरीक्षक को भी भेजी गई है. यह शिकायत गजराज सिंह भाकुनी, भुवन जोशी सहित अन्य बीजेपी कार्यकर्ताओं की ओर से संयुक्त रूप से दी गई है. कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि गणेश गोदियाल के खिलाफ संबंधित धाराओं में तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए.
मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है. जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मंत्री रेखा आर्या को लेकर दिए गए बयानों पर सियासी माहौल गरमाया हुआ है और इस प्रकरण ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है.


















