FCRA बिल पर संसद में गरजे अखिलेश यादव, किया बड़ा दावा
FCRA बिल पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद में बड़ा दावा किया है. उन्होेने कहा है कि यह बिल अल्पसंख्यकों के खिलाफ है.

संसद के मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा ने बुधवार, 12 अगस्त को को विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन (FCRA) विधेयक, 2026 को विस्तृत समीक्षा और संभावित सुझावों के लिए संसद की संयुक्त समिति को भेजने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी.
इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एफसीआरए बिल के सदंर्भ में बड़ा बयान दिया. लोकसभा में अखिलेश ने कहा कि बहुत लड़ने के बाद मुझे मौका मिल रहा है बोलने के लिए. मुझे तो लगा था तीन बजे बहस शुरू हो जाएगी. तीन बजे तो बाद की बात है 2 बजे भी कोई नहीं दिखाई दे रहा है.जो सरकार एफसीआरए ला रही है, इसके खिलाफ में समूचा विपक्ष है. मंत्री जी कह रहे हैं कि अल्पसंख्यक के खिलाफ नहीं है. मंत्री ये बताएं कि आज तक जो बिल लाए हैं वो बिना अल्पसंख्यक के कौन सा बिल लाए हैं?
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इसके जवाब में संसदीय कार्यमंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि अखिलेश को मैं चुनौती देता हूं कि इस एफसीआरए बिल में कोई ऐसा प्रावधान दिखा दें जो अल्पसंख्यक के खिलाफ हो. आप चाहते हैं कि विदेश का धन बिना कानून के देश में आता रहे. क्या देश को बनाना रिपब्लिक बनाना चाहते हैं? यह सिर्फ अफवाह फैलाने की कोशिश है.
कांग्रेस ने क्या कहा
उधर, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह विधेयक गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और अल्पसंख्यक संस्थानों को निशाना बनाने के लिए लाया गया है. कांग्रेस का दावा है कि सरकार अल्पसंख्यकों को निशाना बना रही है.
FCRA बिल को जेपीसी को भेजने संबंधी प्रस्ताव में कहा गया है कि समिति वर्ष 2026 के शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के आखिरी दिन तक लोकसभा को रिपोर्ट सौंपेगी. नियम के अनुसार, इस संयुक्त समिति में 31 सदस्य होंगे, जिनमें लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 10 सदस्य शामिल होंगे.





















