FCRA Bill पर सपा-कांग्रेस को केशव मौर्य ने घेरा, बोले- 'दिन लदने वाले हैं'
UP Politics: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इसको लेकर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट किया है, जिसमें सपा-कांग्रेस को निशाना बनाया गया है. विपक्ष ने संसद में इस बिल का विरोध किया है.

उत्तर प्रदेश सरकार में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने संसद में FCRA बिल का विरोध करने पर सपा और कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, FCRA के बल पर राजनीति करने वालों के दिन अब लदने वाले हैं. उन्होंने केंद्र सारकार द्वारा लाये जा रहे FCRA बिल का समर्थन किया.
केशव प्रसाद मौर्य ने इसको लेकर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट किया है, जिसमें सपा-कांग्रेस को निशाना बनाया गया है. विपक्ष ने संसद में इस बिल का विरोध किया है, जिस पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी है.
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केशव प्रसाद मौर्य का पोस्ट
डिप्टी सीएम ने लिखा, "FCRA के बल पर राजनीति करने वालों के दिन लदने वाले हैं, लेकिन फिर भी सपा-कांग्रेस अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही है. इन दोनों की छटपटाहट बताती है कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सरकार ने FCRA पर हथौड़ा सही स्थान पर मारा है. विदेशी चंदे के इस्तेमाल में पारदर्शिता से इन दोनों दलों को इसलिए भी परहेज़ है कि उनकी राजनीति का यह एक मज़बूत उपकरण है. मोदी सरकार फ़ैसले राष्ट्रहित में करती है और इन दोनों दलों के मुखिया ठहरे अपने परिवार का हित साधने वाले."
क्या है FCRA?
बता दें कि FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) एक ऐसा कानून है जो देश में व्यक्तियों, संगठनों, एनजीओ और संघों द्वारा विदेशी धन स्वीकार करने और उसका उपयोग करने को नियंत्रित करता है. इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी फंड का इस्तेमाल राष्ट्रीय हित के खिलाफ या अवैध गतिविधियों में न हो.
2010 में यह कानून लागू हुआ था, 2020 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए. इनमें विदेशी चंदे के उपयोग पर सख्त नियम, बैंक खातों की निगरानी, प्रशासनिक खर्च की सीमा और लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया को कठोर बनाया गया. सरकार ने कई एनजीओ के FCRA लाइसेंस रद्द भी किए हैं, जिन पर विदेशी फंड के दुरुपयोग के आरोप थे.




















