Char Dham Yatra: चारधाम यात्रा पर मौसम की मार! केदारनाथ सबसे अधिक प्रभावित, यात्रियों की संख्या में बड़ी गिरावट
Char Dham Yatra News: उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन का असर चारधाम यात्रा पर दिखने लगा है. कुल श्रद्धालुओं की संख्या में 66.5% की गिरावट दर्ज हुई.

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और जगह-जगह भूस्खलन का असर अब चारधाम यात्रा पर भी साफ दिखाई देने लगा है. खराब मौसम की वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी यात्रा टाल रहे हैं. सबसे ज्यादा असर केदारनाथ धाम यात्रा पर पड़ा है, जहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में 80 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है.
बीते कुछ दिनों से उत्तराखंड के कई जिलों में लगातार तेज बारिश हो रही है. 20 जुलाई को गढ़वाल मंडल के कई इलाकों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी होने के बाद राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर चारधाम यात्रा को एक दिन के लिए रोक दिया था. वहीं बुधवार को 16 किलोमीटर लंबे केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन होने के कारण यात्रा कई घंटों तक बाधित रही. प्रशासन ने रास्ता साफ होने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति दी.
श्रद्धालुओं की संख्या में 66.5 फीसदी की गिरावट
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मानसून सक्रिय होने के बाद चारधाम और हेमकुंड साहिब पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में 66.5 प्रतिशत की कमी आई है. एक जुलाई को जहां कुल 27,232 श्रद्धालु चारधाम पहुंचे थे, वहीं 21 जुलाई को यह संख्या घटकर सिर्फ 9,112 रह गई.
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केदारनाथ धाम सबसे ज्यादा प्रभावित
खराब मौसम का सबसे ज्यादा असर केदारनाथ धाम पर देखने को मिला. एक जुलाई को केदारनाथ में 6,553 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए थे, लेकिन 21 जुलाई को यह संख्या घटकर सिर्फ 1,138 रह गई. यानी केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में 82.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
विशेषज्ञों का मानना है कि केदारनाथ की कठिन पैदल यात्रा और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का ज्यादा खतरा होने की वजह से मानसून के दौरान सबसे पहले इसी धाम की यात्रा प्रभावित होती है.
बदरीनाथ और यमुनोत्री में भी कम हुए यात्री
बदरीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ी कमी आई है. एक जुलाई को जहां 13,192 श्रद्धालु पहुंचे थे, वहीं 21 जुलाई को यह संख्या घटकर 3,393 रह गई. यानी यहां करीब 74.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
वहीं यमुनोत्री धाम में भी यात्रियों की संख्या घटी है. एक जुलाई को 2,043 श्रद्धालु पहुंचे थे, जबकि 21 जुलाई को केवल 1,132 श्रद्धालु ही दर्शन के लिए पहुंचे. यहां करीब 44.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई.
चारधाम में सिर्फ गंगोत्री धाम ऐसा रहा, जहां श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली. एक जुलाई को 2,116 श्रद्धालुओं ने गंगोत्री धाम के दर्शन किए थे, जबकि 21 जुलाई को यह संख्या बढ़कर 2,256 हो गई. यानी यहां करीब 6.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
अगले कुछ दिन भी भारी बारिश का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तराखंड के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है. ऐसे में प्रशासन लगातार लोगों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा पर निकलने की अपील कर रहा है. माना जा रहा है कि मौसम सामान्य होने तक श्रद्धालुओं की संख्या में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
हालांकि मानसून की वजह से फिलहाल श्रद्धालुओं की संख्या कम हुई है, लेकिन इस साल की चारधाम यात्रा अब तक रिकॉर्ड स्तर पर रही है. 18 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में 21 जुलाई तक केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में कुल 45.01 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं.
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे अब तक की सबसे सफल चारधाम यात्रा बताया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की बेहतर सड़क, सुरक्षा और यात्रा सुविधाओं की वजह से इस साल रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचे हैं. फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा है और मौसम में सुधार होने के बाद यात्रा फिर से सामान्य होने की उम्मीद है.























