दिल्ली से संतकबीरनगर तक बवाल! अखिलेश यादव की गिरफ्तारी पर भड़के सपा कार्यकर्ता, सड़क पर पुलिस से टकराव
Samajwadi Party Protest: अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. रोहित पांडेय समेत कई नेता हिरासत में लिए गए, बाद में रिहा होने पर सरकार पर हमला बोला.

दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में संतकबीरनगर में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. खलीलाबाद स्थित समय माता मंदिर के पास मुख्य मार्ग पर धरना-प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन के चलते कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा.
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया. प्रदर्शन जारी रहने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए समाजवादी पार्टी के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रोहित पांडेय, मेहदावल विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी जयराम पांडेय सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.
रोहित पांडेय ने सरकार पर बोला हमला
गिरफ्तारी के दौरान रोहित पांडेय ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और विपक्ष की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ है. उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक अखिलेश यादव को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक सपा कार्यकर्ता अपना विरोध जारी रखेंगे.
रिहाई के बाद फिर सरकार पर साधा निशाना
देर रात अखिलेश यादव की रिहाई की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए सभी सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी छोड़ दिया. रिहाई के बाद रोहित पांडेय ने कहा कि सरकार छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक दबाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी युवाओं और छात्रों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ती रहेगी. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग दोहराई.
'छात्रों की मांगों पर हो गंभीरता से विचार'
सपा नेता जयराम पांडेय ने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों पर दमनात्मक कार्रवाई उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होगा, समाजवादी पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा.























