उत्तराखंड में भू-कानून समीति की बैठक, राज्य में रोजगार के वादे पर उद्योग और पर्यटन के लिए जमीन
Uttarakhand News: उत्तराखंड में भू-कानून को लेकर राज्य सरकार बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है. जिसको लेकर गैरसैंण में उच्चस्तीरय समिति की बैठक भी हुई. इस दौरान निवेश को लेकर कई फैसले लिए गए.

Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार राज्य में रोजगार सृजन और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए भू-कानून में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आयोजित उच्चस्तरीय समिति की बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि उद्योग और पर्यटन क्षेत्र के लिए भूमि खरीद को प्राथमिकता दी जाएगी. हालांकि, इसके लिए निवेशकों को स्थानीय रोजगार सृजन और निवेश सुनिश्चित करने का प्रमाण देना होगा.
सरकार ने तय किया है कि पर्यटन और उद्योग क्षेत्र के निवेशकों को तभी भूमि खरीदने की अनुमति दी जाएगी, जब वे राज्य में रोजगार सृजन का पक्का वादा करेंगे. इसके लिए निवेशकों को अनिवार्यता प्रमाणपत्र देना होगा, जिसमें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे और अपने प्रस्तावित प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक मशीनरी और ढांचा तैयार करेंगे.
भूमि खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी और ऑनलाइन किया जाएगा
बैठक में यह भी तय किया गया कि भूमि खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी और ऑनलाइन किया जाएगा. इससे यह सुनिश्चित होगा कि भूमि की खरीद-फरोख्त में किसी भी तरह का दुरुपयोग न हो. कृषि और बागवानी के लिए भूमि पट्टे पर देने के प्रस्ताव को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि इन क्षेत्रों में भी स्वरोजगार और उत्पादन बढ़ सके. कृषि और बागवानी के लिए पट्टे पर ली गई भूमि का खतौनी इंद्राज अनिवार्य किया जाएगा. यह कदम भूमि उपयोग की पारदर्शिता और सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.
धामी सरकार भू-कानून को लेकर कई तरह के प्रावधान करेगी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार भू-कानून में ऐसे प्रावधान करेगी, जो राज्य हित को सर्वोपरि रखेंगे. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा हों और भूमि का दुरुपयोग रोका जा सके. बैठक में यह भी तय किया गया कि भूमि खरीद की अनुमति केवल राज्य सरकार स्तर पर दी जाएगी, जिससे स्थानीय प्रशासन पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो.
निवेश बढ़ने से राज्य में रोजगार बढ़ेगा
बैठक में उद्योग और पर्यटन में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए भूमि खरीद की अनुमति को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया. राज्य सरकार का मानना है कि पर्यटन और उद्योग उत्तराखंड के आर्थिक विकास के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं. इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा सकेगा.
गैरसैंण में हुई यह बैठक राज्य के लिए एक मजबूत और सशक्त भू-कानून बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भूमि की खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता और राज्य हित को प्राथमिकता दी जाएगी. बैठक में कृषि और बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इन क्षेत्रों के लिए भूमि पट्टे पर देने की प्रक्रिया को सरल और प्रोत्साहित किया जाएगा. यह कदम किसानों और बागवानों को आत्मनिर्भर बनाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगा.
भू कानून में निवेशकों को ध्यान में रखकर बदलाव किए जाए
सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि भू-कानून में ऐसा बदलाव किया जाए, जो निवेशकों को आकर्षित करे, लेकिन साथ ही राज्य के संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो. इसके तहत रोजगार सृजन, स्थानीय संसाधनों का उचित उपयोग, और भूमि का दुरुपयोग रोकने के प्रावधान किए जा रहे हैं. उत्तराखंड सरकार का यह निर्णय राज्य में आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार भू-कानून में आवश्यक बदलाव कर रही है, जो न केवल उद्योग और पर्यटन को प्रोत्साहन देगा, बल्कि राज्य के विकास और स्थायित्व को भी सुनिश्चित करेगा. इन प्रावधानों के माध्यम से भूमि का सदुपयोग और रोजगार के नए अवसरों का सृजन किया जा सकेगा, जो उत्तराखंड के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा.
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