उत्तर प्रदेश जैन तीर्थंकरों की पवित्र भूमि: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
भगवान महावीर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन धर्म की अहिंसा और परोपकार की शिक्षाएं आज के समय में भी उतनी ही जरूरी हैं.

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती हमेशा से जैन धर्म के लिए खास रही है. अयोध्या में भगवान ऋषभदेव समेत पांच तीर्थंकरों ने जन्म लिया, वहीं काशी भी तीर्थंकरों की तपोभूमि रही है. योगी आदित्यनाथ लखनऊ के गोमती नगर स्थित संगीत नाटक अकादमी में ‘विश्व नमोकार महामंत्र दिवस’ पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे. इस आयोजन का उद्देश्य शांति, ऊर्जा, सकारात्मकता और विश्व कल्याण को बढ़ावा देना था, जिसे जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JITO) ने आयोजित किया था.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नमोकार महामंत्र भौतिक, दैवीय और आध्यात्मिक—तीनों तरह के दुखों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है. यह मंत्र आत्मशुद्धि और साधना से जोड़ता है और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है.
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रसारित किया गया. योगी ने बताया कि पीएम मोदी ने इस अवसर पर व्यवहारिक जीवन में अपनाने के लिए 9 संकल्प बताए, जिन्हें हर व्यक्ति को अपनाना चाहिए.
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शिक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की नई पहल
भगवान महावीर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन धर्म की अहिंसा और परोपकार की शिक्षाएं आज के समय में भी उतनी ही जरूरी हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इन मूल्यों को अपने जीवन में उतारें और दूसरों को भी प्रेरित करें.
योगी ने यह भी कहा कि जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों का जीवन लोककल्याण को समर्पित रहा. उनके उपदेश आज भी लोगों के लिए मार्गदर्शन का काम करते हैं.
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि पहली बार पूरी दुनिया में एक साथ 'विश्व नमोकार महामंत्र दिवस' मनाया गया, जो जैन धर्म की शिक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की एक नई पहल है.
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