यूपी में गन्ने की लोडिंग-अनलोडिंग में गड़बड़ी करना पड़ेगा भारी! योगी सरकार ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
UP News: यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ गन्ना किसानों की शिकायतों के समाधान के सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि किसानों से शुल्क लेने वाली मिलों पर कार्रवाई की जाएगी.

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार गन्ना किसानों को लेकर कई बड़े कदम उठा रही हैं. इसी क्रम में सरकार ने गन्ना किसानों की शिकायतों पर सख्ती दिखाते हुए लोडिंग शुल्क को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं. प्रशासन ने किसानों से गन्ना शुल्क लेने वाली चीनी मिलों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस ने कहा कि गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों द्वारा गन्ने की लोडिंग और अनलोडिंग को लेकर कई तरह की शिकायतें की जा रही था. इनमें किसानों से लोडिंग शुल्क लिए जाने की भी बात सामने आई हैं. जिसके बाद प्रशासन की ओर से इन शिकायतों के समाधान के निर्देश दिए गए हैं और ऐसा करने वाली मिलों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
लोडिंग व अनलोडिंग की शिकायतों पर एक्शन
गन्ना आयुक्त ने कहा कि चीनी आयुक्त और उप गन्ना आयुक्त ये सुनिश्चित करें कि गन्ने की तौल और घटतौली की शिकायतें न हो और किसानों से गन्ने की लोडिंग व अनलोडिंग शुल्क भी नहीं वसूला जाए. उन्होंने कहा कि चीनी मिलों और वाह्य गन्ना क्रय केंद्रों पर साफ़-सुथरे और ताजा गन्नों की आपूर्ति की जाए.
प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
योगी सरकार ने राज्य में गन्ना किसानों की शिकायतों पर सख्त रुख़ अपनाया है. जिसके बाद चीनी मिलों की मनमानी पर नकेल कसने की तैयारी की गई है. गन्ना आयुक्त मिनिस्ती ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वो गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों की शिकायतों की जांच करें और औचक निरीक्षण कर सही जानकारी जुटाएं.
उन्होंने कहा कि गन्ने की लोडिंग व अनलो़डिंग के नाम पर शुल्क वसूली में शामिल में कर्मचारियों, तीनी मिलों और अनुबंधित ट्रांसपोर्टरों के उत्तरदायित्व को तय किया जाए और नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. गन्ना आयुक्त ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं और उनके समाधान में जुटी है.
वहीं दूसरी तरफ गन्ना विकास विभाग ने गन्ने के बीज को लेकर सख्त रुख़ अपनाया है. विभाग ने प्रमाणित बीज के नाम पर दूसरी प्रजातियों के बीज का विक्रय करने वाले 2230 गन्ना बीज उत्पादकों का पंजीकरण भी रद्द कर गिया है. विभाग की कार्रवाई में 2823 पंजीकृत उत्पादों में से महज 593 ही वैध पाएं, जिसके बाद उत्पादकों को नियमों का पालन करने और उल्लंघन पर जुर्माने की चेतावनी दी गई है.
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Source: IOCL























