UP में महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत! दूसरे मैटरनिटी लीव के लिए ये शर्त खत्म
यूपी के वित्तीय नियमों में पहले प्रावधान था कि महिला सरकारी कर्मचारी को दो मैटरनेटिव लीव के बीच कम से कम दो साल का अंतर होने पर ही अगला मैटरनिटी लीव दिया जाएगा.

रक्षाबंधन से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने महिला कर्मचारियों को मैटरनेटिव लीव अवकाश को लेकर बड़ी राहत दी है. अब सरकार ने 2 साल की मैटरनेटिव लीव की बाध्यता को खत्म कर दिया है. सरकार इस फैसले का महिला कर्मचारियों और महिलाओं ने स्वागत करते हुए कहा कि ये मांओं के हित का फैसला है.
दरअसल यूपी के वित्तीय नियमों में पहले प्रावधान था कि महिला सरकारी कर्मचारी को दो मैटरनेटिव लीव के बीच कम से कम दो साल का अंतर होने पर ही अगला मैटरनेटिव लीव दिया जाएगा. इसी नियम के चलते कई महिला कर्मचारियों को दूसरी बार गर्भवती होने पर छुट्टी लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता था.
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मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक भी पहुंचा था. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल दो साल का अंतर पूरा नहीं होने के आधार पर महिला कर्मचारी का दूसरा मैटरनेटिव लीव खारिज नहीं किया जा सकता.
ड्यूटी के दौरान काफी समस्या होती थी
बलरामपुर चिकित्सालय में कार्यरत नर्स दिव्यांशु वर्मा ने सरकार के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि कई बार डेढ़ या दो साल के भीतर ही दूसरा बच्चा हो जाता था. ऐसे मामलों में महिला कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. उन्होंने कहा कि दो बच्चों के बीच अंतर की बाध्यता खत्म करने का मुख्यमंत्री का फैसला महिलाओं के लिए अच्छी राहत है. इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद और अभिनंदन किया.
मातृत्व पर किसी तरह की बाध्यता नहीं होनी चाहिए
सोशल वर्कर ज्योति ने कहा कि मातृत्व एक वरदान है और इसे लेकर इस तरह की बाध्यता नहीं होनी चाहिए. उन्होंने सरकार के फैसले को अच्छा कदम बताते हुए कहा कि पहले दो मैटरनेटिव लीव के बीच दो साल के अंतर की शर्त के कारण महिलाओं को परेशानी होती थी. अब अगर किसी कारण से दो साल के भीतर दो बच्चे हो जाते हैं तो महिला को मैटरनेटिव लीव के लिए इस बाध्यता का सामना नहीं करना पड़ेगा. हालांकि उन्होंने महिलाओं से अपील की कि सामान्य परिस्थितियों में पहले और दूसरे बच्चे के बीच पर्याप्त अंतर रखना मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है.
महिलाओं के लिए बड़ा तोहफा
महिला कर्मचारी स्मृति मौर्य ने भी मुख्यमंत्री के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि मैटरनेटिव लीव में दो साल की बाध्यता को खत्म करना महिलाओं के लिए बड़ी राहत है. उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगे भी महिलाओं के हित में इसी तरह के फैसले लेते रहेंगे. सरकार के इस फैसले से खास तौर पर उन महिला सरकारी कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिनकी दूसरी प्रेग्नेंसी पहले मैटरनेटिव लीव के दो साल के भीतर हो जाती है.
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