UP में बारिश और आंधी के बाद फसलों को नहीं नुकसान, 75 जिलों से जिलाधिकारियों ने दी मौखिक रिपोर्ट
UP News: उत्तर प्रदेश में तेज आंधी और तुफान के कारण फसलों में किसी भी प्रकार के बड़े नुकसान की कोई खबर सामने नहीं है. इसको लेकर जिलाधिकारियों ने कहा कि बदलते मौसम से फसलें प्रभावित नहीं हुई है.

UP News: उत्तर प्रदेश में हाल ही में आई तेज आंधी और बारिश के बावजूद प्रदेश की फसलों को किसी प्रकार के बड़े नुकसान की खबर नहीं है. राज्य के 75 जिलों से मिले मौखिक रिपोर्ट में जिलाधिकारियों ने बताया है कि खेतों में खड़ी फसलों को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा है.
लखनऊ जिला प्रशासन ने भी बताया कि तेज हवाओं और बारिश के कारण गेहूं की कटाई में जरूर देरी हुई है, लेकिन फसलें सुरक्षित हैं. राहत विभाग ने अब सभी जिलों से इस संबंध में लिखित रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी प्रकार की क्षतिपूर्ति या सहायता की आवश्यकता होने पर उचित निर्णय लिया जा सके.
सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में गेहूं की कटाई का समय अप्रैल के महीने में होता है और इस दौरान अचानक मौसम बदलने से किसान चिंतित हो जाते हैं. अगर किसी फसल को 33% या उससे अधिक का नुकसान होता है, तो सरकार की ओर से मुआवजा देने का प्रावधान है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह के नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और जरूरतमंद किसानों को समय पर राहत पहुंचाई जाए. इस क्रम में राहत विभाग ने सभी जिलों से मौके पर निरीक्षण कर रिपोर्ट मांगी है.
कृषि विपणन मंत्री ने अधिकारियों संग की समीक्षा बैठक
इस बीच शुक्रवार को राज्य के बागवानी और कृषि विपणन राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी किसानों के हितों की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
राज्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि हर अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि खेतों में फसलें सुरक्षित हैं और अगर कहीं नुकसान हुआ है तो उसका वास्तविक मूल्यांकन कर राहत दी जाए.
राज्य सरकार की प्राथमिकता किसानों को मिले सहयोग
राज्य सरकार की प्राथमिकता इस समय रबी फसलों की सुरक्षा और कटाई कार्य में किसानों को सहयोग देना है. आने वाले दिनों में यदि मौसम फिर से खराब होता है, तो शासन द्वारा सतर्कता बरती जाएगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत कार्य शुरू किए जाएंगे.
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