यूपी STF को मिली बड़ी कामयाबी, 6.5 किलो अफीम के साथ महिला समेत दो तस्कर गिरफ्तार
Gorakhpur News: यूपी STF को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ गिरोह बिहार और झारखंड के जंगलों से सस्ते दामों में अफीम खरीदकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब जैसे राज्यों में बेच रहे हैं.

UP News: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए गोरखपुर में अंतरराज्यीय अफीम तस्करी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए तस्करों के पास से 6.5 किलो अवैध अफीम बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 32.50 लाख रुपये बताई जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला तस्कर भी शामिल है. गिरफ्तारी 13 मई की रात लगभग 11:55 बजे गोरखनाथ ओवरब्रिज के पास हुई. दोनों तस्करों को STF और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने धर दबोचा.
गिरफ्तार तस्करों की पहचान
पवन सिंह, निवासी खगाई नागा, थाना बहेड़ी, जिला बरेली
खुशबू उर्फ खुशी, निवासी नियामतपुर, आसनसोल, जिला बर्धमान, पश्चिम बंगाल
इनके पास से अफीम के अलावा दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और यूपी 14 सीजे 1311 नंबर की एक कार भी बरामद की गई है.
बिहार से गोरखपुर पहुंच रही थी अफीम
STF को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ गिरोह बिहार और झारखंड के जंगलों से सस्ते दामों में अफीम खरीदकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब जैसे राज्यों में बेच रहे हैं. इसी कड़ी में STF लखनऊ की टीम ने गोरखपुर में जाल बिछाया और एक महिला तस्कर के नरकटियागंज (बिहार) से अफीम लेकर गोरखपुर आने की सूचना पर कार्रवाई की.
संगठित तस्करी गिरोह से जुड़ा है आरोपी
पूछताछ में पवन सिंह ने बताया कि वह बरेली का रहने वाला है और एक संगठित तस्करी गिरोह से जुड़ा है. गिरोह का सरगना नेत्रपाल नाम का शख्स है, जो कई राज्यों में अफीम की तस्करी करवाता है. गिरोह की महिला सदस्य बिहार से अफीम लेकर गोरखपुर लाती है और फिर गिरोह के अन्य सदस्य गोरखपुर पहुंचकर माल हासिल कर लेते हैं. STF की यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक विमल कुमार सिंह के नेतृत्व में हुई. टीम में निरीक्षक दीपक कुमार सिंह, उपनिरीक्षक रिजवान खान, सत्यप्रकाश सिंह और कई अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे.
उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी एक गंभीर समस्या बन चुकी है. एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) की रिपोर्ट के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बिहार और झारखंड से अफीम, गांजा और अन्य मादक पदार्थों की सप्लाई की जाती है. विशेष रूप से गोरखपुर, सोनभद्र, बरेली और आजमगढ़ जैसे जिले तस्करों के लिए ट्रांजिट रूट के तौर पर इस्तेमाल होते हैं.
एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 के तहत दर्ज हुआ केस
गिरफ्तार तस्करों के खिलाफ कोतवाली गोरखपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 के तहत केस दर्ज किया गया है. अब आगे की कार्रवाई स्थानीय पुलिस कर रही है. STF की इस सफलता से एक बार फिर साबित हुआ है कि योगी सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी है.
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