गाजीपुर: यूपी के स्टांप एवं पंजीयन विभाग में हड़कंप, फर्जीवाड़े के डर से सख्त हुआ नियम, रजिस्ट्री में हो रही देरी
Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश स्टांप एवं पंजीयन विभाग में फर्जीवाड़े के खुलासे बाद आधार-OTP वेरिफिकेशन सख्त हुआ. मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि सुरक्षा बहुत जरूरी है इसलिए बदलाव किए गए है.

स्टांप एवं पंजीयन विभाग में इन दिनों जमीन की खरीद-बिक्री आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है. रजिस्ट्रेशन कराने में कई-कई दिनों का इंतजार, स्लो सर्वर और तकनीकी दिक्कतों को लेकर लोग लगातार शिकायतें कर रहे हैं. इसी बीच जब इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश स्टांप एवं पंजीयन विभाग के राज्य मंत्री से बात की गई, तो उन्होंने एक ऐसा खुलासा किया जिसने पूरे सिस्टम की जड़ों पर सवाल खड़े कर दिए.
राज्य मंत्री ने बताया कि यह सख्ती यूं ही नहीं है, बल्कि इसकी वजह पिछली सरकारों के दौर में हुए फर्जीवाड़े हैं. उन्होंने बसपा सरकार के समय का एक मामला बताते हुए कहा कि एक पूर्व मंत्री के नाम पर ऐसी जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई. जिसके असली मालिक का व्यक्ति उस समय जेल में था. जांच में सामने आया कि आधार कार्ड तक फर्जी तरीके से इस्तेमाल हुआ था. इसी तरह के मामलों से सबक लेते हुए अब सरकार ने सिर्फ आधार कार्ड नहीं, बल्कि OTP आधारित आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया है. यही वजह है कि प्रक्रिया सख्त हुई है और लोगों को कुछ दिक्कतें भी आ रही हैं. लेकिन सरकार का दावा है कि यह कदम जमीन रजिस्ट्री सिस्टम को फर्जीवाड़े से बचाने के लिए जरूरी है.
रजिस्ट्री के लिए विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर लोग
उत्तर प्रदेश सरकार स्टांप एवं पंजीयन विभाग में बहुत सारे तब्दीली कर इस विभाग को विकास के मुख्य धारा से जोड़ते हुए तीव्र गति से कार्य करने का दावा कर तो रही है. लेकिन जिस जनपद के प्रभारी मंत्री खुद प्रदेश के स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री हो उस जनपद में लोगों को अपने जमीन की रजिस्ट्री और बैनामा कराने के लिए कई कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है. इसके पीछे पीड़ितों ने यह बताया है कि यहां पर सरवर पिछले कई दिनों से खराब चल रहा है जिसके चलते इन लोगों को अपने रजिस्ट्री के लिए कई कई दिन विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. तब भी उनके कार्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं. वहीं विभागीय अधिकारियों की बात माने तो इस कार्य में जब से आधार कार्ड की वेरिफिकेशन और ओटीपी का ऑप्शन आया है तब से कार्य करने में दिक्कतें आ रही हैं. जिसके वजह से रजिस्ट्री के कार्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की भीड़ तो लग रही है, लेकिन जमीन की रजिस्ट्री मात्र कुछ लोगों का ही हो पा रहा है. जिसके चलते रजिस्ट्री क्रेता-विक्रेता के साथ ही अधिवक्ता और विभागीय अधिकारी भी काफी परेशान नजर आ रहे हैं.
विभाग में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शुरू किए नए कार्य- मंत्री
इस मामले पर स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्टांप एवं पंजीयन विभाग में फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए तीन तरह के नए कार्य शुरू कर दिए गए हैं. जिसके लिए पहले आधार कार्ड लगता था लेकिन अब आधार कार्ड का वेरिफिकेशन किया जा रहा है कि जिसका आधार कार्ड है. वह व्यक्ति है या नहीं इसके अलावा यदि कोई 60 से 70 साल का बुजुर्ग है तो उसके आंखों की रेटिना भी इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से चेक की जा रही है. इसके अलावा इसमें अब पैन कार्ड भी अनिवार्य कर दिया गया है जिससे कि अब चोरी को रोका जा सके रजिस्ट्री पर छूट करने का भी प्रावधान करने की योजना बनाई जा रही है.
इस दौरान उन्होंने फर्जीवाड़े की एक कहानी बताई कि बसपा सरकार में एक व्यक्ति जेल में बंद था और उसकी प्रॉपर्टी को एक पूर्व मंत्री ने अपने नाम रजिस्ट्री करा लिया जबकि वह व्यक्ति कह रहा था कि मैं जेल में था और जब चेक हुआ तो उसका आधार कार्ड भी सही था. इसीलिए अब आधार कार्ड का वेरिफिकेशन किया जा रहा है, ताकि ओटीपी उसके पास जाए और फिर उसे वेरिफिकेशन होने के बाद ही रजिस्ट्रेशन हो.
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Source: IOCL

























