BJP में घमासान! गाजीपुर में एमएलसी और नगर पालिका अध्यक्ष आमने-सामने
Ghazipur News In Hindi: बीजेपी के अंदर विवाद शुरू हो गया है. जमानिया नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता पर फर्जी हस्ताक्षर केस दर्ज हुआ है. एमएलसी विशाल सिंह चंचल से विवाद के बाद धरना शुरू हो गया है.

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच गाजीपुर में सत्तारूढ़ बीजेपी के अंदर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है. जमानिया नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता और बीजेपी एमएलसी विशाल सिंह चंचल के बीच विवाद ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है. फर्जी लेटर पैड और हस्ताक्षर के इस्तेमाल के आरोप में मुकदमा दर्ज होने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए और एमएलसी पर गंभीर आरोप लगाए.
पूरा मामला जमानिया नगर पालिका परिषद से जुड़ा है. आरोप है कि पंडित दीनदयाल योजना के तहत नगर पालिका के लिए करीब 4 करोड़ 8 लाख रुपये का बजट स्वीकृत कराने के लिए बीजेपी एमएलसी विशाल सिंह चंचल के लेटर पैड और हस्ताक्षर का कथित रूप से गलत इस्तेमाल किया गया. एमएलसी के प्रतिनिधि प्रदीप पाठक की शिकायत पर जमानिया कोतवाली में नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
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केस दर्ज होते ही धरने पर बैठे नगर पालिका अध्यक्ष
मुकदमा दर्ज होने के बाद जयप्रकाश गुप्ता अपने समर्थकों के साथ जमानिया के रामलीला मैदान में धरने पर बैठ गए. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है. नगर पालिका अध्यक्ष ने एमएलसी विशाल सिंह चंचल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ पहले भी कार्रवाई कराने की कोशिश की गई थी. उन्होंने एमएलसी पर सामंतवादी रवैया अपनाने का आरोप लगाया. जयप्रकाश गुप्ता का कहना है कि पंडित दीनदयाल योजना के तहत मिलने वाली धनराशि नगर पालिका के लिए लोन है और वह ऐसा कोई पैसा नहीं लेना चाहते जिससे नगर पालिका पर आर्थिक बोझ बढ़े.
एमएलसी पर लगाए गंभीर आरोप, आंदोलन जारी रखने का ऐलान
धरने के दौरान जयप्रकाश गुप्ता ने कहा कि नगर विकास विभाग की ओर से उनके अपने लेटर पैड पर करीब 3 करोड़ 77 लाख रुपये की स्वीकृति से जुड़ा पत्र पहले ही भेजा जा चुका था. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस धनराशि को लेने से इनकार कर दिया है और शासन को भी इसकी जानकारी दे दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि एमएलसी विशाल सिंह चंचल नहीं चाहते कि वह नगर पालिका अध्यक्ष के पद पर बने रहें. उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ मुकदमे तक सीमित नहीं रहेगा और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा.
बीजेपी संगठन की भूमिका पर नजर
इस पूरे विवाद के बाद अब बीजेपी संगठन की भूमिका अहम हो गई है. दोनों नेताओं के बीच बढ़ते विवाद से पार्टी के अंदर भी हलचल तेज हो गई है. बीजेपी नेता बाल कृष्ण त्रिवेदी ने मामले पर पार्टी स्तर से समाधान की बात कही है, जबकि पुलिस अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अतुल सोनकर ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है.
फिलहाल पुलिस जांच में यह साफ होगा कि फर्जी लेटर पैड और हस्ताक्षर के आरोपों में कितनी सच्चाई है. वहीं, बीजेपी नेतृत्व दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद को कैसे शांत करता है, इस पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
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