यूपी की लाइफलाइन: अब 'मैली' नहीं रही गंगा, यमुना और गोमती की भी बदली रंगत
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना और गोमती को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 100+ शोधन संयंत्र और तकनीक से नदियां निर्मल और अविरल बन रही हैं.

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की पहचान यहां की सदियों पुरानी नदियां हैं, लेकिन बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिक कचरे ने गंगा, यमुना और गोमती जैसी जीवनदायिनी नदियों को संकट में डाल दिया था. पिछले कुछ सालों में, केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से इन नदियों की तस्वीर बदलने लगी है. 'निर्मल' और 'अविरल' धारा का सपना अब हकीकत में बदल रहा है.
गंगा 'नमामि गंगे' से मिली नई पहचान
गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 'नमामि गंगे' मिशन के तहत उत्तर प्रदेश में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं. कानपुर का 'सीसामऊ नाला', जो कभी गंगा में प्रतिदिन 14 करोड़ लीटर कचरा गिराता था, अब पूरी तरह बंद कर दिया गया है.
फैक्ट: प्रयागराज कुंभ और माघ मेले के दौरान गंगा का जल अब आचमन के योग्य पाया गया है.
प्रयास: राज्य में 100 से ज्यादा जल-मल शोधन संयंत्र (STP) लगाए गए हैं, ताकि गंदा पानी सीधे नदी में न गिरे.
यमुना: चुनौती और समाधान
यमुना नदी विशेषकर मथुरा, वृंदावन और आगरा के क्षेत्रों में भारी प्रदूषण का सामना कर रही थी. सरकार ने यमुना को पुनर्जीवित करने के लिए 'अमृत योजना' और 'नमामि गंगे' के दूसरे चरण पर ध्यान केंद्रित किया है.
फैक्ट: मथुरा में 30,000 किलोलीटर क्षमता के हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) पर आधारित STP का निर्माण किया गया है.
उद्देश्य: आगरा और मथुरा के औद्योगिक अपशिष्ट को नदी में जाने से रोकना और रिवर फ्रंट का विकास करना.
गोमती: राजधानी की लाइफलाइन का संरक्षण
लखनऊ की पहचान गोमती नदी को 'सफाई और सुंदरीकरण' अभियान के जरिए बचाया जा रहा है. नदी की तलहटी से गाद निकालने और किनारे पर वृक्षारोपण करने से इसके जल स्तर में सुधार देखा गया है.
प्रयास: पीलीभीत से लखनऊ तक गोमती के उद्गम स्थल और उसके मार्ग में आने वाले अतिक्रमण को हटाया जा रहा है.
बदलाव: गोमती रिवर फ्रंट और समुद्री तट की तर्ज पर हो रही सफाई ने इसे पर्यटकों के लिए भी आकर्षक बनाया है.
जन-भागीदारी और तकनीक का संगम
नदी पुनरुद्धार केवल सरकारी प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन बन गया है. उत्तर प्रदेश सरकार 'अर्थ गंगा' के माध्यम से नदियों के किनारे जैविक खेती और पर्यटन को बढ़ावा दे रही है. इसके अलावा, ड्रोन और सैटेलाइट मैपिंग के जरिए अवैध खनन और कचरा डंपिंग पर नजर रखी जा रही है.
नदियों का पुनरुद्धार केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व की सुरक्षा है. गंगा, यमुना और गोमती का निर्मल होना उत्तर प्रदेश की खुशहाली और आर्थिक प्रगति का नया मार्ग प्रशस्त करेगा.
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