महिला आरक्षण पर यूपी विधानसभा के विशेष सत्र पर भड़की RJD, पूछा- ये पाखंड क्यों कर रहे हैं भाई?
UP Politics: राष्ट्रीय जनता दल ने महिला आरक्षण बिल पर उत्तर प्रदेश में विधानमंडल के विशेष सत्र बुलाने की चर्चाओं पर तीखी टिप्पणी की है.

- उत्तर प्रदेश विधानमंडल का विशेष सत्र 30 अप्रैल को संभव है.
- महिला आरक्षण बिल पर सत्र बुलाए जाने पर रालोद ने उठाए सवाल.
- मनोज झा ने कहा, योगी सरकार महिला आरक्षण पर कर रही पाखंड.
- विपक्ष ने महिला आरक्षण पर सहमति दी, पर कोटा विदिन कोटा की मांग.
लोकसभा में तीन विधेयकों के पारित न होने के बाद चर्चा है कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल यानी विधानसभा और विधान परिषद् का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा. यह सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होने की संभावना है. इस बीच राष्ट्रीय जनता दल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है.
राष्ट्रीय जनता दल के नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने महिला आरक्षण बिल पर 30 अप्रैल को उत्तर प्रदेश विधान मंडल का विशेष सत्र बुलाए जाने पर कहा कि विपक्ष ने अपनी सहमति दी तो है.
'योगी जी की तो मजबूरी है...'
उन्होंने कहा है कि योगी जी की तो मजबूरी है. उनको तो जिनसे कॉम्पिटिशन है, उनके समकक्ष खड़ा होने की कोशिश होगी. लेकिन ये पाखंड क्यों कर रहे हैं भाई. महिला आरक्षण तो अधिसूचित हो चुका है. आपको एक छोटा सत्र केंद्र में बुलाना है, जो आप कभी चाहें तो बुला सकते हैं. और कह दीजिए कि बिना डीलिमिटेशन के हम इसको अभी से लागू कर रहे हैं. लोगों ने ब्लैंक चेक दिया हुआ है, अपोजिशन ने सहमति दी है कि हम तैयार हैं.
झा ने कहा कि बस हम जैसे दलों की छोटी सी मांग है, कोटा विदिन कोटा, उस पर सहमति दीजिए और आगे बढ़िए. यह जो नौटंकी चल रही है न, हमने पहले भी देखा है. अब यह लोग चूक गए, इनके आर्सेनल में कुछ भी नहीं बचा है. मैं समझता हूं, बौद्धिक तंगहाली की पराकाष्ठा है.
बता दें यूपी विधानमंडल में विशेष सत्र की अनुमति को लेकर अभी असमंजस की स्थिति है. सूत्रों की मानें तो राज्यपाल से इस संबंध में अनुशंसा मांगी गई है. यदि राज्यपाल की ओर से हरी झंडी मिलती है तो 30 अप्रैल को विशेष सत्र होगा.



















