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डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य के सामने बीजेपी नेताओं के विवाद का मामला, सच्चिदानंद पांडे ने संजीव सिंह पर लगाए आरोप
Ayodhya News: अयोध्या में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सामने भाजपा जिला अध्यक्ष और पार्टी नेता के विवाद के मामले में बीजेपी नेता सच्चिदानंद पांडे का दर्द छलका है.

सच्चिदानंद पांडे, बीजेपी नेता (फाइल फोटो)
Source : Facebook/ Sachidanand Pandey
अयोध्या में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सामने ही एक कार्यक्रम में बीजेपी जिला अध्यक्ष संजीव सिंह और बीजेपी नेता सच्चिदानंद पांडे के बीच विवाद का मामला सामने आया था. अब इस विवाद पर बीजेपी नेता सच्चिदानंद पांडे का छलका दर्द छलका है, सच्चिदानंद पांडेय ने बीजेपी जिला अध्यक्ष संजीव सिंह के साथ हुए विवाद पर चुप्पी तोड़ी है.
बीजेपी नेता सच्चिदानंद पांडे ने कहा, "मैं पहले यहां बीएसपी से संसदीय चुनाव लड़ चुका हूं, मैं शुरू से बीजेपी से जुड़ा रहा हूं. बीजेपी के द्वारा टिकट न दिए जाने पर मुझे बहन जी ने बुला कर टिकट दिया था, मैं यहां से चुनाव लड़ा था. स्टेज पर केशव प्रसाद मौर्य के साथ फोटो खिंचवाने जैसी कोई बात नहीं थी."
बीजेपी नेता सच्चिदानंद पांडे ने कहा, "मैं पहले यहां बीएसपी से संसदीय चुनाव लड़ चुका हूं, मैं शुरू से बीजेपी से जुड़ा रहा हूं. बीजेपी के द्वारा टिकट न दिए जाने पर मुझे बहन जी ने बुला कर टिकट दिया था, मैं यहां से चुनाव लड़ा था. स्टेज पर केशव प्रसाद मौर्य के साथ फोटो खिंचवाने जैसी कोई बात नहीं थी."
'संजीव सिंह ने मेरे पीठ पर मारी थी कोहनी'
बीजेपी नेता कहा कि, केशव प्रसाद मौर्य के साथ मंच पर जाते समय भी संजीव सिंह ने मुझे धक्का दिया था. कार्यक्रम में सहभागिता करते समय पुष्पांजलि समर्पित करके मैं पीछे मुड़ा तभी संजीव सिंह ने मेरे पीठ पर कोहनी मारी थी. संजीव सिंह ने मेरे आत्मसम्मान को झकझोर कर रख दिया था.
'बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का किया था स्वागत'
उन्होंने कहा कि, राजनीति में मैं किसी को नीचा दिखाने या किसी को प्रताड़ित करने नहीं आया हूं. जब पब्लिकली इस तरीके का कार्य कोई करेगा तो कोई बर्दाश्त नहीं करेगा. बीते दिनों जब बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अयोध्या आए थे, तब उस समय भी व्यापारी समाज के 15, 20 लोगों के साथ हमने हनुमानगढ़ी की सीढ़ी पर एक बड़ी माला लेकर उनका स्वागत किया था. उस समय भी जिलाध्यक्ष के द्वारा की अभद्रता की गई थी, उन्होंने माला खींचते हुए ऊपर चले गए थे.
बीजेपी नेता सच्चिदानंद पांडे ने कहा कि, "मैंने उस समय संजीव सिंह से उनके कार्यालय पर जाकर मुलाकात की थी और उनसे व्यक्तिगत मुलाकात कर कहा था कि मुझसे कोई त्रुटि हुई तो बताएं, उस पर सुधार करने की बात कही थी. मेरे द्वारा उनके सम्मान में ले जाए गए पटके को उन्होंने स्वीकार नहीं किया था और कहा था अभी तुमने मुझे नहीं चढ़ाया है भात तो कैसे शामिल पार्टी में होगे.
बीजेपी नेता सच्चिदानंद पांडे ने कहा कि, "मैंने उस समय संजीव सिंह से उनके कार्यालय पर जाकर मुलाकात की थी और उनसे व्यक्तिगत मुलाकात कर कहा था कि मुझसे कोई त्रुटि हुई तो बताएं, उस पर सुधार करने की बात कही थी. मेरे द्वारा उनके सम्मान में ले जाए गए पटके को उन्होंने स्वीकार नहीं किया था और कहा था अभी तुमने मुझे नहीं चढ़ाया है भात तो कैसे शामिल पार्टी में होगे.
'राजनीति करना छोड़ दें संजीव सिंह'
बीजेपी नेता ने सच्चिदानंद पांडे ने कहा, "इस घटना के बाद से मैं दुखी हो चुका हूं, संजीव सिंह की खुद की पत्नी भी जिला पंचायत सदस्य बसपा से रह चुकी है. अगर उन्हें बसपाइयों से और दलितों से इतनी घृणा है तो फिर संजीव सिंह राजनीति करना छोड़ दें. इस वक्त मैं भाजपा का हूं आम कार्यकर्ता, मैंने भाजपा की सदस्यता ले रखी है. मैंने बीजेपी के सभी वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है.
उन्होंने कहा कि, इस घटना के बाद से मेरे पास प्रदेश से भी फोन आए हैं, और बाहर से भी फोन आए हैं, मैंने अपनी प्रतिक्रिया दी है. मैं जहां मौजूद था वह किसी पार्टी का कार्यक्रम नहीं, बल्कि व्यक्तिगत कार्यक्रम था. उस मंच के संचालन की जिम्मेदारी भी मेरे पास थी, जिसका कार्यक्रम था अगर कोई दिक्कत होती तो वह मुझसे जरूर बोलते हैं.
उन्होंने कहा कि, इस घटना के बाद से मेरे पास प्रदेश से भी फोन आए हैं, और बाहर से भी फोन आए हैं, मैंने अपनी प्रतिक्रिया दी है. मैं जहां मौजूद था वह किसी पार्टी का कार्यक्रम नहीं, बल्कि व्यक्तिगत कार्यक्रम था. उस मंच के संचालन की जिम्मेदारी भी मेरे पास थी, जिसका कार्यक्रम था अगर कोई दिक्कत होती तो वह मुझसे जरूर बोलते हैं.
Input By : शिवेंद्र द्विवेदी
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