UP: शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोपी मायापति दुबे पर कसा शिकंजा, ईंट भट्ठा और गाड़ियां कुर्क
UP Hindi News: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के 'ऑपरेशन माफिया' के तहत, भदोही प्रशासन ने शिक्षा माफिया मायापति दुबे की 2 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की. इसमें ईंट भट्ठा, ट्रैक्टर और जेसीबी शामिल हैं.

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के 'ऑपरेशन माफिया' के तहत भदोही प्रशासन ने संगठित अपराध पर बड़ी चोट की है. 69 हजार शिक्षक भर्ती घोटाले के चर्चित चेहरे और अंतरराज्यीय शिक्षा माफिया मायापति दुबे के 2 करोड़ रुपये के आर्थिक साम्राज्य को ध्वस्त कर दिया गया है. जिला मजिस्ट्रेट शैलेश कुमार के आदेश पर भदोही पुलिस ने आरोपी का ईंट भट्ठा, जेसीबी और ट्रैक्टर कुर्क कर लिए हैं.
सोमवार (16 मार्च) दोपहर अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) शुभम अग्रवाल और क्षेत्राधिकारी (CO) ज्ञानपुर प्रभात राय के नेतृत्व में भारी पुलिस बल कोइरौना थाना क्षेत्र के बारीपुर और फुलवरिया गांव पहुंचा. पुलिस ने गांव में डुगडुगी बजवाकर मुनादी की और शिक्षा माफिया द्वारा अपराध से अर्जित काली कमाई से बनाई गई संपत्ति को राज्य सरकार के पक्ष में जब्त कर लिया. मौके पर माफिया के 'त्रिपति ईंट उद्योग' पर सरकारी कुर्की का नोटिस बोर्ड भी चस्पा कर दिया गया.
क्या-क्या हुआ कुर्क?
एएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि शासन की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत माफिया के आर्थिक तंत्र को ध्वस्त किया गया है. कुर्क की गई कुल 1 करोड़ 98 लाख 16 हजार 208 रुपये की चल-अचल संपत्ति में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- ईंट भट्ठा: 1,60,16,208 रुपये की कीमत का ईंट भट्ठा, जो अभियुक्त के भाई करुणापति दुबे की पत्नी कविता दुबे के नाम पर दर्ज था.
- वाहन: करीब 38 लाख रुपये की अनुमानित लागत के 3 ट्रैक्टर और 1 जेसीबी मशीन.
साजिश और फर्जीवाड़े का रहा है लंबा इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मायापति दुबे केवल एक अपराधी नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का सरगना है. उसका मुख्य काम प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षक भर्तियों में सेंधमारी कर अपात्रों को गलत तरीके से नौकरी दिलाना था. उस पर भदोही के अलावा प्रयागराज के सोरांव और मऊ के मोहम्मदाबाद थानों में धोखाधड़ी (420), फर्जी दस्तावेज बनाने (467, 468, 471) और गैंगस्टर एक्ट जैसी संगीन धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं.
























