UP News: आवारा कुत्तों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट सख्त, नोएडा-गाजियाबाद में शुरू हुआ कुत्तों को पकड़ने का अभियान
UP News: यूपी के नोएडा और गाजियाबाद में आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया गया है. वहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एनसीआर में ये कार्रवाई शुरू की गई है.

आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर के लिए बड़ा आदेश जारी किया है. दिल्ली एनसीआर, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में तुरंत आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान शुरू करने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में आवारा कुत्तों से पैदा हो रही सुरक्षा परिस्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है और नागरिक प्रशासन तथा स्थानीय निकायों को कड़े निर्देश दिए हैं.
अदालत ने आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी कर आश्रय गृहों में रखने का निर्देश जारी किया है, साथ ही इस प्रक्रिया में अड़ंगा डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. प्रयास सौ प्रतिशत लागू किया जाना चाहिए,पकड़े गए कुत्तों को वापस नहीं छोड़ा जाना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने दिए हेल्पलाइन की स्थापना के आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने एक हेल्पलाइन की स्थापना का भी आदेश दिया है, जिसे एक सप्ताह के भीतर जनता के लिए उपलब्ध कराया जाए, ताकि कुत्तों के काटने की घटनाओं को रिपोर्ट किया जा सके. अदालत ने सभी संबंधित अधिकारियों से आश्रय स्थलों की योजना और तैयारियों की रिपोर्ट आगे की सुनवाई में पेश करने के निर्देश दिए हैं.
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने यह कार्रवाई स्वतः संज्ञान (suo moto) लेकर शुरू की, रेबीज और कुत्तों द्वारा काटे जाने की घटनाओं के बढ़ते आंकड़ों पर विशेष ध्यान दिया. अदालत ने स्पष्ट कहा कि इसके पीछे न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य बल्कि विशेषकर छोटे बच्चों की रक्षा की भावना प्रेरक है.
6 साल की मासूम को आवारा कुत्ते ने बनाया था शिकार
दिल्ली में रोहिणी, पूठ कलां गांव में 6 साल की मासूम छवि को 30 जून को घर के पास ही आवारा कुत्ते ने काट लिया था. शाम के वक्त छवि अपनी मौसी के घर जा रही थी और मौसी का घर उसके घर के बिल्कुल करीब ही था. लेकिन घर से निकलते ही उसको कुत्ते ने काट लिया.कई जगह से बुरी तरह जख्मी कर दिया.
दौड़कर आसपास वाले लोगों ने बचाया और परिवार तुरंत ही उसको दिल्ली के अंबेडकर अस्पताल लेकर पहुंचा. माँ मंजू शर्मा का कहना है की 30 जून से 25 जुलाई तक बेटी के इलाज के लिए संघर्ष करते रहे लेकिन अब बेटी हमारे साथ हमारे पास नहीं है.
आवारा कुत्तों का आतंक
इलाके में इतने आवारा कुत्ते हो गए हैं की किसी का भी घर से निकलना मुश्किल हो गया है मेरी बेटी तो बस मौसी के घर जा रही थी घर के पास ही उसे कुत्ते ने इतनी बुरी तरह से काटा की कई जगह उसके जख्म हो गया था.
इलाज के लिए जब अंबेडकर अस्पताल लेकर पहुंचे तो तीन इंजेक्शन लगने के बाद एक घंटा हमें इंतजार करने के लिए कहा और फिर दोबारा बुलाया था हम उसको दोबारा लेकर गए इसके बाद उसके दवाई लगाई गई लेकिन उसको सही से दवाई नहीं लगाई गई, हमारे कहने के बावजूद भी डॉक्टर ने यह कह दिया की बच्ची को तकलीफ है इसलिए रो रही है. इलाज में लापरवाही का आरोपी भी परिवार ने लगाया.
बच्ची की मां ने सुनाई आपबीती
छवि की माँ ने बताया की बच्ची को इलाज करवा कर घर लेकर आए थे लेकिन उसके बाद जब उसकी तबीयत दोबारा बिगड़ी तो फिर हम वापस अंबेडकर अस्पताल लेकर गए जहां हमें यह लिखकर दे दिया कि आप किसी दूसरे अस्पताल ले जाइए और इसको रेबीज हो गया है जिसका इलाज नहीं हो सकता.
इसके बाद दिल्ली के सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया, कई प्राइवेट अस्पताल भी लेकर गए आखिर में प्राइवेट अस्पताल में बच्ची 2 दिन एडमिट रही लेकिन उसके बाद बच्चे की कंडीशन ऐसी हो गई थी की सभी डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए थे. माँ ने रोते बिलखते हुए इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है.
कोर्ट के आदेश पर क्या बोली बच्ची की मां
कोर्ट के आदेश पर मां ने कहा कि मेरी बच्ची तो चली गई ले गई शायद किसी का भला हो जाए फॉरेन इसपर कदम उठाना चाहिए और अब जब कोर्ट ने कहा है तो यह बहुत अच्छा है. मां का कहना है कि मेरी बच्ची के जाने के बाद एमसीडी वाले आए थे कुछ दिन के लिए कुत्तों को उठाकर लेकर गए थे लेकिन फिर वापस सभी कुत्ते यही आ गए हैं अब उनको इंजेक्शन लगाया या नहीं कुछ नहीं पता.
कुछ लोगों के साथ चौपाल की है जिन्होंने बताया कि इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक इतना ज्यादा बढ़ गया है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल होता है छोटे बच्चों को अकेले घर से भेजने में भी डर लगता है. कई बार स्कूल और ट्यूशन जाते हुए बच्चों को भी अटैक कर देते हैं यह कुत्ते.
Source: IOCL






















