UP News: सुरक्षा कारणों की वजह से होली मिलन पर प्रशासन की रोक, जितेंद्र सिंह बबलू ने उठाए सवाल
UP News In Hindi: पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू 'सर्व समाज कार्यकर्ता होली मिलन सम्मेलन' की अनुमति को प्रशासन ने रद्द कर दिया गया, जिस पर उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत कार्यक्रम नहीं था.

बहुजन समाज पार्टी के अयोध्या बीकापुर के पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू के प्रस्तावित 'सर्व समाज कार्यकर्ता होली मिलन सम्मेलन' की अनुमति को प्रशासन ने रद्द कर दिया है. प्रशासन ने कार्यक्रम में अधिक भीड़ जुटने और पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध न होने का हवाला बनाते हुए देर रात करीब 11 बजे आयोजन को निरस्त करा है.
'यह मेरा कोई व्यक्तिगत कार्यक्रम नहीं था'- जितेंद्र सिंह बबलू
पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह उनका व्यक्तिगत कार्यक्रम नहीं था, बल्कि वे उसमें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले थे. उनके मुताबिक कार्यक्रम का आयोजन उनके करीबी सहयोगी शुभम ओझा, अरुण मिश्रा और भोला शंकर शुक्ला द्वारा किया गया था. उन्होंने बताया कि वे इस समय किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं और निर्दलीय के तौर पर सक्रिय हैं. कार्यकर्ताओं द्वारा सर्व समाज के लगभग 700-800 लोगों को आमंत्रित किया गया था.
योगी सरकार अच्छा काम कर रही है, लेकिन जनप्रतिनिधि नहीं
बबलू ने कहा कि कार्यक्रम के लिए दो दिन पहले प्रशासन से विधिवत अनुमति ली गई थी और एक दिन में टेंट, भोजन सहित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं. बावजूद इसके प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर आयोजन को निरस्त कर दिया. उन्होंने सवाल उठाया कि जब सीमित संख्या में लोगों को बुलाया गया था तो अतिरिक्त पुलिस बल की आवश्यकता क्यों बताई गई. पूर्व विधायक ने बताया कि कार्यक्रम रद्द होने से कार्यकर्ताओं को आर्थिक नुकसान हुआ है, खासकर खाने-पीने के सामान और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च का.
कार्यक्रम निरस्त किए जाने के पीछे राजनीतिक साजिश की आशंका के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे खुद समझ नहीं पा रहे हैं कि इस सम्मेलन से किसी को क्या आपत्ति हो सकती थी. प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार अच्छा काम कर रही है और अयोध्या में विकास भी हुआ है, लेकिन कुछ जनप्रतिनिधि ऐसे हैं जो किसी को काम नहीं करने देना चाहते.
'अब इस कार्रवाई के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे'
उन्होंने यह भी कहा कि वे 2027 के चुनाव की तैयारी निर्दलीय रूप से कर रहे हैं और उन्हें परेशान किए जाने के सवाल पर वे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते. उनका कहना है कि यह एक छोटा सा कार्यक्रम था, जिसमें वे अपने कार्यकर्ताओं और सर्व समाज के लोगों से मिलना चाहते थे, जिसे प्रशासन ने निरस्त कर दिया.
इस बीच कार्यक्रम के आयोजकों में शामिल कार्यकर्ता भोला शंकर शुक्ला अब इस कार्रवाई के खिलाफ वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे. उनका आरोप है कि प्रशासन ने बिना ठोस कारण कार्यक्रम को निरस्त किया है, जिससे कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं. फिलहाल प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर कार्यक्रम पर रोक लगाई है, लेकिन इस फैसले ने स्थानीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. अब देखना होगा कि आयोजक न्यायालय का रुख करते हैं या प्रशासन अपने फैसले पर कायम रहता है.
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Source: IOCL


























