UP Nikay Chunav 2023: क्या है इस बार अयोध्या नगर निगम का चुनावी समीकरण? जानें मेयर प्रत्याशियों के दावे
Ayodhya Nikay Chunav 2023: सपा मेयर प्रत्याशी आशीष पांडे दीपू ने कहा, लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. जनहित की सुविधाओं को लेकर हम लोगों के बीच जा रहे हैं.

Ayodhya Nagar Nikay Chunav 2023: नगर निकाय चुनाव के तारीख की घोषणा होते ही सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी अपनी किस्मत आजमानी शुरू कर दी है. अयोध्या (Ayodhya) में इस बार किसको मेयर पद का ताज जनता पहनाएगी इसे लेकर सवाल कई हैं, लेकिन जवाब अयोध्या की जनता देगी. आने वाले 11 मई को अयोध्या में मतदान होगा. प्रत्याशी किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच में जाएंगे और किसको अयोध्या की जनता मेयर बनाएगी यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन अयोध्या की जनता का मूड जब हमने जानने की कोशिश की तो आधी जनता तो बदलाव चाहती है और आधे ऐसे लोग हैं जो दोबारा से एक बार फिर ऋषिकेश उपाध्याय को मेयर बनाना चाहते हैं. अब सवाल यह है कि आगामी दिनों में अयोध्या का मेयर कौन होगा. इस सवाल का उत्तर देना जल्दबाजी होगी, लेकिन यह अयोध्या की जनता तय करेगी कि मेयर कौन होगा. आज हम आपको बताते हैं अयोध्या की जनता क्या चाहती है और अलग-अलग मेयर पद के प्रत्याशी क्या कहते हैं.
कितने मतदाता हैं अयोध्या नगर निगम में
आइए हम आपको जातीय समीकरण बताते हैं. अयोध्या नगर निगम में लगभग 3,32,464 मतदाता हैं जिसमें 50% ग्रामीण 50% शहरी 1,10,000 श्रवण हैं, 60,000 मुस्लिम, बैकवर्ड 70,000, एससी-एसटी 40,000 और 25,000 साधु संत हैं. अब सवाल यह है कि जातीय समीकरण के हिसाब से अयोध्या में किसकी जीत होगी और कौन बनेगा अयोध्या का मेयर. यह आने वाली तारीख में पता चलेगा, लेकिन अयोध्या का मेयर बनने के लिए हर राजनीतिक पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है. सवाल है कि अयोध्या की जनता इस बार बदलाव करेगी या एक बार फिर दोबारा से मेयर की वापसी होगी. यह आने वाला वक्त तय करेगा कि अयोध्या की जनता का मूड क्या है.
मेयर प्रत्याशी पति ने क्या कहा
मेयर प्रत्याशी पति शरद पाठक बाबा ने कहा, मेरी पत्नी अनीता शरद पाठक बाबा इस बार अयोध्या नगर निगम से मेयर का चुनाव लड़ रही हैं. हम जनता के बीच में आ रहे हैं और मेरा एक शपथ पत्र तैयार है. यह जनता के बीच बांटा जा रहा है और कुछ बांटा जा चुका है. उसमें साफ-साफ लिखा है कि मेयर बनने के 6 महीने के अंदर पूरे नगर निगम क्षेत्र में जितनी भी जलभराव की समस्या पैदा होती है उसको तत्काल दूर कराया जाएगा. इसके बाद हमनें उसमें आगे लिखा है कि जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र या नगर निगम से जो भी पत्र जारी होते हैं उसकी जनता के बीच में होम डिलीवरी होगी. उनके घर पर वह कागज पहुंचाया जाएगा ताकि जनता को नगर निगम का चक्कर न लगाना पड़े. तीसरी चीज है कि हम लोग कालेज के बच्चों का इंटर्नशिप कराएंगे. वार्ड में जो भी सरकारी भूमि है वहां पर एक आधुनिक बरात घर बनाया जाएगा. यह गांव के जैसे होटल के तरीके से रहेगा. यहां जो आम जनता गरीब है और पैसा नहीं खर्च कर सकते हैं उनके शादी विवाह में इसे निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा.
सपा मेयर प्रत्याशी ने क्या कहा
सपा मेयर प्रत्याशी आशीष पांडे दीपू ने कहा, यहां पर गंगा जमुनी तहजीब की मिली जुली मिसाल देखने को मिलती है. यहां पर मुझे महापौर पद का प्रत्याशी चयनित किया गया है और मुझे महापौर पद के लिए यहां पर टिकट मिला हुआ है. मैं सर्वप्रथम आप लोगों से बताना चाहता हूं कि यहां जिस तरह से वर्तमान सरकार ने अराजकता का माहौल बना रखा है और जिस तरह से व्यापारियों का शोषण हो रहा है, गरीबों का शोषण हो रहा है, छात्रों और नौजवानों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं यह किसी से छिपा नहीं है. छात्रों और नौजवानों की परेशानियों और व्यापारियों के उत्पीड़न को हम लोग देख रहे हैं. हम लोगों के बीच में जा रहे हैं और लगातार जनता से हमें सहयोग मिल रहा है. हम लोगों की पूरी कोशिश है कि यहां का व्यापारी जो ठगा गया है उसकी परेशानियां दूर हों. शिक्षा के क्षेत्र में परेशानियां हैं और इसके अलावा चिकित्सा के क्षेत्र में परेशानियां हैं. लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. जनहित की सुविधाओं को लेकर हम लोगों के बीच में जाने का कार्य कर रहे हैं.
स्थानीय नागरिक ने क्या कहा
स्थानीय नागरिक तुफैल अहमद ने कहा, इस बार का निकाय चुनाव बहुत खास है. एक तरफ जहां राम मंदिर का निर्माण हो रहा है. सरकार अयोध्या विश्व को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित कर रही है. सेंट्रल गवर्नमेंट और यूपी गवर्नमेंट का पूरा फोकस इस समय अयोध्या पर है. अयोध्या के लोग समझ भी रहे हैं. जो पढ़े लिखे लोग और साफ छवि के कैंडिडेट होंगे उसी प्रत्याशी को हम लोग वोट करेंगे. गरीबों की योजनाएं जिन लोगों तक पहुंचनी चाहिए उन तक नहीं पहुंच पाती हैं. उसके पीछे भी बड़ा खेल हो जाता है. ऐसे प्रत्याशी चुनकर आ जाते हैं जो सिर्फ कुछ लोगों के बीच में ही रहते हैं. आम जनता तक ना तो वह पहुंचते हैं और ना जनता उन तक पहुंच सकती है. इसको देखते हुए हम लोगों को वोट करना है कि ऐसा प्रत्याशी हो जो जनता के बीच में हो, जनता के सुख दुख में खड़ा रहने वाला हो और जो सरकारी योजनाएं हैं उनको उन तक पहुंचाए, ना कि अपनी राजनीति चमकाए.
स्थानीय नागरिक पवन कुमार ने कहा कि प्रत्याशी ऐसा होना चाहिए जो जनता की बातों को समझे और उनको लाभ दिलाएं. अयोध्या में जो कुछ भी विकास हो रहा है वह अच्छा हो रहा है, लेकिन उसके साथ जो तकलीफ है उसको भी समझें, व्यापारियों की सुनें. व्यापारी जो चाहते हैं कुछ उनका भी किया जाए. विकास हो ही रहा है और आने वाले समय में विकास दिखेगा.
स्थानीय नागरिक राजेंद्र गुप्ता ने कहा, प्रत्याशी जुझारू और बढ़िया होना चाहिए. अभी तक जो मेयर हैं उनका कोई काम दिखाई नहीं पड़ा, फोन करो तो फोन उठाते नहीं है, फोन काट देते हैं, सुनते नहीं हैं. 5-7 साल से चिल्लाते-चिल्लाते केवल एक रोड बन पाई है. 4-4 कालोनियों का पानी कहां जाएगा. सारा पानी उबाल मारकर कॉलोनियों में घुसता है. आज तक ना मेयर आये, ना नगर निगम का कोई आया पूछने के लिए कि लोग बरसात में डूबते हैं. हमें बदलाव चाहिए. सरकार इतनी अच्छी है, लेकिन काम एक पैसे का नहीं करते ये लोग. पैसा आता है, लेकिन पता नहीं कहां चला जाता है, यह समझ में नहीं आता. लोगों ने कभी पूछा ही नहीं कि केवल वोट लेने आते हैं.
स्थानीय नागरिक अरुण कुमार ने बताया, 5 साल का कार्यकाल ऐसा था कि लोगों की सुनवाई थोड़ी कम हो रही थी. बाईपास, यूनिवर्सिटी से लेकर एयरपोर्ट एरिया जितना भी है यह सब नगर निगम में आ चुका है. नाले का निर्माण नहीं हो पा रहा है. नाले बंद हो चुके हैं, जिसके कारण पानी निकल कर गली मोहल्ले के नाले में मिल जा रहा है. मेयर जुझारू हो जो लोगों की बातें सुने और लोगों के बीच में रहे. किसी को दुख परेशानी हो तो उसमें जाकर शामिल हो. सबकी बातें सुने वे चाहे अमीर हों या गरीब हों सभी को बराबर का सम्मान दे. पिछले महापौर से मिलना तो दूर देखना भी मुश्किल था, वह कभी किसी मोहल्ले में जनसंपर्क के लिए नहीं आते थे.
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Source: IOCL



























