मुरादाबाद में नदियों में आई बाढ़ ने मचाई बुरी तरह तबाही, किसानों की फसलों का भारी नुकसान
Moradabad News: यूपी के मुरादाबाद में भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर हैं जिससे आसपास के खेतों में खड़ी किसानों की गन्ना, धान, सब्जियों की फसलें बुरी तरह बर्बाद हो गई है.

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पिछले दिनों नदियों के उफनाने से आई बाढ़ ने खूब तबाही मचाई है बाढ़ का पानी तो उतर गया है लेकिन इस से किसानों की हजारों बीघा धान, गन्ना और सब्जियों की फसलें पानी में डूब कर बर्बाद हो गयी हैं.
मुरादाबाद सदर तहसील समेत कांठ ठाकुरद्वारा के कुल मिलाकर लगभग 65 गांव प्रभावित हुए हैं. करीब 56 गांवों में तो किसानों की सब्जियों, धान, उदड़, बाजरा मक्का समेत कई फसलें खराब हो गईं.
अभी तक इन किसानों के लिए फसलों का मुआवजा तय नहीं हो सका है. यहां रामगंगा और कोसी दोनों नदियों की बाढ़ का कहर किसानो की फसलों पर सबसे अधिक हुआ है. खेतों में खड़ी फसले बर्बाद हो जाने से किसान चिंतित हैं उनका कहना है कि लाखों रूपये की सब्जियां पानी में गल कर ख़राब हो गयी धान और गन्ने की फसल में भी अधिक दिनों तक पानी में डूबे रहने से बर्बाद हो गई हैं.
ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग
ग्रामीणों का कहना है की उन्हें सरकार से फसलों का मुआवजा मिलना चाहिए. महिला किसान मुनीस बताती है कि बाढ़ में उनकी 20 बीघा धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गयी है. जो कुछ घर में था वह खेती में लगा दिया अब सरकार से उम्मीद है की वह 10 या 20 हजार मुआवजा दे दे तो हमरा घर का खर्च चल जायेगा.
उन्होंने आगे कहा हमारे गाँव के आसपास के सभी किसानों की करोड़ों रूपये की फसल बाढ़ में बर्बाद हो गयी है. अभी गाँव में जिला प्रशासन से कोई अधिकारी फसलों के नुकसान के निरीक्षण के लिए भी नहीं आया है किसानों को सरकारी मदद का इंतजार है.
फसलों को भारी नुकसान
सत्यवीर सिंह बताते हैं कि बाढ़ से किसानो को बहुत नुकसान हुआ है सब्जियों से लेकर धान और गन्ने की सभी फसलों में बड़ा नुकसान हुआ है इस्लाम नगर, मौजपुर, काफिया बाद, सुल्तानपुर, त्रिलोक पूरा आदि गांवों में सबसे अधिक बाढ़ से नुकसान हुआ है. किसानों की मांग कोई सुन ही नहीं रहा है हम किसान तो बर्बाद हो चुके हैं.
इस्लाम नगर के रहने वाले किसान राहुल बताते हैं की उनकी तुरई करेला की फसल थी सब बाढ़ के पानी में डूब गयी जिस से उन्हें करीब पांच लाख का नुकसान हुआ है. गोहरपुर सुल्तानपुर के किसान सौरभ चौधरी बताते हैं की उनका 10 बीघा गन्ना और 10 बीघा धान की फसल बाढ़ में बर्बाद हुई है. उनके गाँव के आसपास के लगभग बीस गाँव ऐसे हैं जिनमे बाढ़ के पानी से किसानो की फसलें बर्बाद हुई है.
कई गांव पानी में डूबे
रामगंगा नदी ने मुरादाबाद से ठाकुरद्वारा जाने वाले मार्ग के आसपास नई यूनिवर्सिटी से लेकर कई गांवों तक आसपास फसलों को डुबो दिया. इसके अलावा कांठ ठाकुरद्वारा और कुंदरकी क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का असर किसानो की फसलों पर देखने को मिल रहा है. किसानों का दावा कि पचास फीसदी से ज्यादा फसलें बर्बाद हो चुकी हैं.
मुरादाबाद के जिला अधिकारी अनुज सिंह बताते हैं कि अधिकतर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे हो चुका है. कुछ रिपोर्ट कंपाइल की जानी शेष है, एडीएम वित्त से जल्द रिपोर्ट तैयार करवाने के लिए कहा गया है. जल्द ही इस काम को पूरा कर किसानों को राहत दी जाएगी.
















