UP News: कम बजट खर्च करने वाले विधायकों पर बिफरे CM योगी, इन विभागों पर जताई नराजगी
UP News: अधिकतर विभाग अपना आधा बजट भी खर्च नहीं कर पाए हैं, तो कई विभागों ने 30 फीसदी से कम बजट खर्च किया है. साथ ही सीएम ने जन अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए.

UP Government: मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सभी 18 मंडलों के सांसदों और विधायकों के साथ पिछले दिनों हुई गहन समीक्षा के बाद शनिवार को मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में सीएम ने वर्तमान वित्तीय बजट में प्राविधानित राशि के उपयोग की विभागवार समीक्षा की और जन अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए. इस दौरान सीएम उन विभागों के जिम्मेदारों से नाराज भी नजर आये, जिन्होंने आवंटित बजट का बहुत कम खर्च किया. सीएम ने आगामी बजट को लेकर भी चर्चा की. सीएम ने कहा कि आगामी बजट 25 करोड़ जनआकांक्षा के अनुरूप होगा, जो लोकल्याण संकल्प पत्र के संकल्प को पूरा करेगा. सीएम ने कहा कि जितनी जरूरत विभाग उतनी डिमांड करे. सीएम ने निर्देश दिये कि सही और समय पर बिजली बिल मिलना सुनिश्चित करें, वसूली के नाम पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
सीएम ने कहा कि अगले माह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और जी-20 के कार्यक्रम के बाद आगामी वित्तीय वर्ष का बजट प्रस्तुत किया जाना है. सभी विभाग अपनी भावी योजनाओं के अनुरूप बजट के लिए अपना प्रस्ताव तैयार कर भेजें. वित्तीय वर्ष 2022-23 समाप्त होने में अब दो माह ही बाकी हैं. विभाग वर्तमान बजट में प्राविधानित धनराशि खर्च करना सुनिश्चित करें. विभाग स्तर भी पर खर्च की समीक्षा भी जाए. संबंधित मंत्री भी अपने विभागीय स्थिति की समीक्षा करें. सीएम ने कहा कि सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर, एसपी, मुख्य विकास अधिकारी और फील्ड में तैनात अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लगातार संवाद-संपर्क बनाए रखें. महीने में एक बार जनप्रतिनिधियों के साथ विकास परियोजनाओं की समीक्षा करें. इसी प्रकार जिला मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक भी हो. उद्योग बंधु की बैठक नियमित होनी चाहिए.
सीएम ने दिये निर्देश
- वित्त विभाग आगामी बजट प्रावधान तय करते समय वर्तमान वित्तीय वर्ष में विभाग के प्रदर्शन को ध्यान में रखें.
- विभागीय मंत्री खुद भारत सरकार के मंत्रियों से संवाद करें. केन्द्रांश के अभाव में परियोजना बाधित न रखें.
- गांवों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास में आमजन को सहभागी बनाने के लिए मातृभूमि योजना प्रारंभ की जा रही है.
- बड़ी संख्या में लोगों ने इस योजना से जुड़कर अपने गांव में अपने पूर्वजों के नाम पर भवन, सड़क, कम्युनिटी सेंटर, आदि बनवाने की इच्छा जताई है.
- दिव्यांगजन, निराश्रित महिला और वृद्धावस्था पेंशन और छात्रवृत्ति की धनराशि देने में कतई देरी न हो.
- प्रदेश में नवीन नगरों की स्थापना का काम जल्द शुरू किया जाए, अनुपूरक बजट में 4,000 करोड़ की राशि इसके लिए प्राविधानित है.
- जनप्रतिनिधियों ने नए बस स्टेशनों जरूरत बताई. हर जिले में पीपीपी मॉडल पर कम से कम एक आधुनिक मॉडल बस स्टेशन विकसित किया जाए.
- मुख्य सचिव सभी सरकारी कार्यदायी संस्थाओं में मैनपॉवर की उपलब्धता, दक्षता, क्षमता की परीक्षण कर रिपोर्ट दें.
- आकांक्षात्मक विकास खंडों में आईटीआई/पॉलिटेक्निक/कौशल विकास केंद्र की स्थापना की योजना बनाने के निर्देश दिये गये.
- जिन नए इंटर कॉलेजों का भवन हैंडओवर कर दिया गया है, उन्हें जल्द क्रियाशील किया जाए.
- कॉलेजों में पाठ्यक्रम तय करते समय न्यू एज कोर्सेज को वरीयता दी जाए.
- 50-60 साल पुराने राजकीय इंटर कॉलेजों के भवनों का जीर्णोद्धार करने और पुराने जर्जर भवनों को ध्वस्त कराकर नए भवन निर्माण के निर्देश दिये गये.
- दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने के लिए उनके कौशल विकास और उन्हें मोटराइज़्ड ट्राई साइकिल दी जाएगी.
- हरिहरपुर (आजमगढ़) में संगीत कॉलेज की स्थापना का काम समय से शुरू करने के निर्देश दिये गये.
- संभ्रांत परिवारों को भी गो-पालन के प्रति प्रेरित करने के लिये कहा गया.
- कोर्ट के लिए एकीकृत कोर्ट भवन बनाये जाने की योजना को शीघ्र क्रियान्वित करने के निर्देश दिये गये.
सीएम ने उन विभागों को लेकर कड़ी नराजगी जताई, जिन्होंने वर्तमान वित्तीय वर्ष में बहुत कम बजट खर्च किया है. सूत्रों के अनुसार सीएम ने सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, पशुपालन, सहकारिता, दिव्यांग जन सशक्तिकरण, होमगार्ड, एमएसएमई, नगर विकास, वन, व्यावसायिक शिक्षा विभाग में कम बजट खर्च होने पर सबसे अधिक नाराजगी जताई. सूत्रों के अनुसार अधिकतर विभाग अपना आधा बजट भी खर्च नहीं कर पाए हैं, तो कई विभागों ने 30 फीसदी से कम बजट खर्च किया है. इतना ही नहीं सूत्रों की मानें तो बैठक में कुछ विभागों के प्रमुख सचिव खुद नहीं पहुंचे और अपने से नीचे के अधिकारी को भेज दिया. इस पर भी सीएम ने कड़ी नाराजगी जताई.
ये भी पढ़ेंः
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL



























