UP Politics: बिजनौर की नजीबाबाद सीट पर मुस्लिम करेंगे फैसला कौन होगा विधायक, 2022 में जीती थी सपा
Najibabad Vidhan Sabha 2027: नजीबाबाद विधानसभा सीट मुस्लिम और SC बाहुल्य है. यहां पर राजपूत और सैनी मतदाता भी अच्छी संख्या में हैं.

उत्तर प्रदेश स्थित बिजनौर जिले में 8 विधानसभा सीटे हैं. इसमें से साल 2022 में 4 सीटों पर समाजवादी पार्टी और 4 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी जीती थी. सपा ने 8 में से 2 सीटें राष्ट्रीय लोकदल को गठबंधन के तहत दिया था. बीजेपी सभी 8 सीटों पर और सपा 6 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ी थी. यहां पढ़ें बिजनौर जिले की नजीबाबाद सीट का विशाल विश्लेषण-
नजीबाबाद सीट की विधानसभा संख्या 17 है. 2022 में नजीबाबाद विधानसभा सीट से सपा के तस्लीम अहमद चुनाव जीते थे. बीजेपी ने भारतेंदु सिंह को टिकट दिया था. बसपा ने शाहनवाज आलम और कांग्रेस ने मोहम्मद सलीम अंसारी को टिकट दिया था. आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने मोहम्मद दानिश को उम्मीदवार बनाया था. यानी सपा, बसपा, कांग्रेस और आसपा ने मुस्लिम उम्मीदवार उतारे.
साल 2026 में एसआईआर के बाद नजीबाबाद विधानसभा सीट पर 3 लाख 26 हजार 251 मतदाता बचे हैं. वहीं लोकसभा चुनाव साल 2024 के वक्त नजीबाबाद सीट पर 3 लाख 54 हजार 196 मतदाता थे. यानी एसआईआर के बाद 27 हजार 945 मतदाता घटे.
नजीबाबाद विधानसभा सीट मुस्लिम और एससी बाहुल्य है. यहां पर राजपूत और सैनी मतदाता भी अच्छी संख्या में हैं.
2022 के विधानसभा चुनाव में नजीबाबाद का चुनावी नतीजा क्या कहता है-
1. सपा- 1 लाख 2 हजार 675
2. बीजेपी- 78 हजार 905
3. बसपा- 44 हजार 727
4. कांग्रेस- 1 हजार 958
5. नोटा- 1 हजार 372
6. आसपा- 575
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के तस्लीम अहमद ने बीजेपी के भारतेंदु सिंह को चुनाव हरा दिया. सपा ने नजीबाबाद सीट को 23 हजार 770 वोटों से जीती. बसपा को 44 हजार के आसपास वोट मिले. बीएसपी ने अपने मूल वोट को बचाया. मुस्लिम मतों के एकजुट होने से बीजेपी हार गई. बीजेपी को जाट, राजपूत, सैनी, कश्यप मतदाताओं का वोट मिला.
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा को 44.14 फीसदी वोट मिले. बीजेपी को 33.92 प्रतिशत मत मिले. सपा और बीजेपी के बीच 10.22 फीसदी वोटों का अंतर रहा. बसपा को 19.23 फीसदी वोट मिले. यानी एससी मतदाता बीएसपी की तरफ ही गए. कांग्रेस का बुरा हाल रहा और नजीबाबाद में आजाद समाज पार्टी से ज्यादा वोट तो नोटा को मिल गया.
नजीबाबाद विधानसभा सीट नगीना लोकसभा का हिस्सा है. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में नगीना सीट से चंद्रशेखर आजाद चुनाव लड़े. साल 2024 लोकसभा चुनाव में नजीबाबाद विधानसभा सीट पर चुनावी नतीजे-
1. आसपा- 1 हजार 2 लाख 541
2. बीजेपी- 68 हजार 943
3. सपा- 39 हजार 318
4. बसपा- 3 हजार 569
साल 2024 के लोकसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद ने बीजेपी को 33,598 वोटों से पीछे कर दिया. चंद्रशेखर आजाद ने नजीबाबाद सीट पर सपा का मुस्लिम वोट बैंक अपने साथ लिया और बसपा का एससी वोट पूरी तरह से आजाद समाज पार्टी को चला गया. मुस्लिम और एससी वोटों के एकजुट होने से चंद्रशेखर आजाद नजीबाबद सीट अच्छे अंतर से जीत गया. सपा और बसपा को बड़ा नुकसान हो गया.
साल 2022 की तुलना में साल 2024 में नजीबाबाद में सपा का 63 हजार 357 वोट कम हुआ. वहीं बसपा का साल 2022 की तुलना में 2024 में 41 हजार 158 वोट कम हुए. साल 2022 की अपेक्षा 2024 में बीजेपी के भी 9,962 वोट घटे हैं. बीजेपी को मुस्लिम और एससी छोड़कर बाकी सभी वोट मिले. सपा को कुछ मुस्लिम और सैनी वोट मिला. इस सीट पर यह देखना दिलचस्प होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम किस तरफ जाते हैं.
नजीबाबाद विधानसभा सीट का सामाजिक समीकरण
1. मुस्लिम- 1.5 लाख
2. एससी- 60 हजार
3. रबै राजपूत- 25 हजार
4. जाट- 20 हजार
5. सैनी- 10 हजार
6. पंजाबी- 10 हजार
7. कश्यप- 10 हजार
8. पाल- 10 हजार
9. प्रजापति- 7 हजार
10. उत्तराखंडी जोशी- 4 हजार
11. ब्राह्मण- 6 हजार
12. चौहान- 10 हजार
13. नाई, जोगीरा- 6 हजार
14. वैश्य- 3 हजार
15. यादव- 500
16. त्यागी- 2,500
मुस्लिम और एससी मतदाता ही नजीबाबाद का नसीब तय करते हैं. नजीबाबाद में बीजेपी के लिए मुस्लिम और एससी वोट पाना हर बार चुनौती होता है. लेकिन अदर मुस्लिम और एससी वोट 2-3 विपक्षी दलों के बीच बंट जाता है, तो बीजेपी के लिए राह आसान हो जाती है.























