UP Assembly Election 2022: आगरा में सड़क और जलजमाव की समस्या से परेशान हैं लोग, चुनाव के बहिष्कार का किया ऐलान
देवरैठा में लगभग 25,000 परिवार रहते हैं. इनका कहना है कि अगर क्षेत्र में मौजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे अपना वोट नहीं डालेंगे. लोगों ने घर के बाहर मकान की बिक्री का पोस्टर लगा दिया है.
UP Assembly Election 2022: यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने जोर लगाना शुरू कर दिया है. वहीं अभी से ही जनता की समस्या हल नहीं होने की वजह से चुनाव के बहिष्कार का हुंकार भरा जा रहा है. ऐसा ही एक मामला आगरा से आया है, जहां सड़क और पानी के जल-जमाव जैसी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर लोग चुनाव के बहिष्कार की बात कह रहे हैं. जिले के देवरैठा की 28 कॉलोनियों के लोगों ने विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है.
बताया जा रहा है कि देवरैठा में लगभग 25,000 परिवार रहते हैं. इनका कहना है कि अगर क्षेत्र में मौजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे अपना वोट नहीं डालेंगे. यही नहीं धनौली, अजीजपुर और सिरौली जैसी कई कॉलोनियों के लोगों ने घर के बाहर मकान की बिक्री का पोस्टर भी लगा दिया है. यहां रहने वाले लोग पिछले कई दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं का कोई हल नहीं निकाला जा रहा है.
2008 से बना रहा रोड अभी अधूरा
लोगों का कहना है कि कई सालों से पानी की निकासी की समस्या को खत्म करने की मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक इसका कोई भी समाधान नहीं निकल पाया है. यहां रहने वाले लोगों को सड़क और जल-जमाव की वजह से काफी परेशानी होती है. अधिकारियों से शिकायत के बाद भी अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले 40 सालों से यहां की बुनियादी जरूरतों को भी पूरा नहीं किया गया है. 2008 में आगरा विकास प्राधिकरण ने इस क्षेत्र में एक सड़क का निर्माण शुरू किया था लेकिन 13 साल बीत जाने के बाद भी निर्माण अधूरा है.
चुनावों का बहिष्कार करना कोई समाधान नहीं: एडीएम
कॉलोनियों के लोगों का कहना है कि चुनाव आचार संहिता की घोषणा से पहले अगर इन समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो वे आने वाले विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे. वहीं इस मामले पर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अंजनी कुमार का कहना है कि धनोली रोड और आसपास की अन्य कॉलोनियों में जल-जमाव की समस्या को खत्म करने के लिए काम किए जा रहे हैं. साफ-सफाई की भी व्यवस्था की जा रही है. चुनावों का बहिष्कार करना कोई समाधान नहीं है.
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Source: IOCL

























