यूपी के इन चार एक्सप्रेस वे पर नहीं लागू होगा एनुअल फास्टैग, जानें- कैसे कर पाएंगे भुगतान?
UP News: यूपी में अब चार एक्सप्रेस वे पर वाहन चालकों के लिए एनुअल फास्टैग की सुविधा को लागू नहीं किया जाएगा. हलांकि वाहन चालक अब सामान्य फास्टैग का इस्तेमाल कर पाएंगे.

उत्तर प्रदेश में सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए एक अहम जानकारी सामने आई है. यमुना एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अब एनुअल फास्टैग (वार्षिक पास) की सुविधा लागू नहीं होगी.
इन मार्गों का संचालन राज्य की एजेंसियों और कंपनियों के अधीन है, जहां अलग-अलग नियमों के तहत टोल वसूली की जाती है. ऐसे में यात्रियों को अब इन एक्सप्रेसवे पर सामान्य फास्टैग के जरिए ही भुगतान करना होगा.
इन एक्सप्रेस वे पर नहीं लागू होगा एनुअल फास्टैग
दरअसल, एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) की ओर से जिन राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर वार्षिक फास्टैग पास की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, उनमें राज्य सरकार या निजी कंपनियों द्वारा संचालित एक्सप्रेसवे शामिल नहीं हैं.
उत्तर प्रदेश के ये चारों बड़े एक्सप्रेसवे यमुना, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और आगरा-लखनऊ राज्य स्तर पर प्रबंधित होते हैं. यही कारण है कि यहां एनुअल फास्टैग लागू नहीं किया जा रहा है.
किस पर पड़ेगा इस फैसले का असर?
इस फैसले का सीधा असर नियमित यात्रियों पर पड़ेगा. खासतौर से उन लोगों पर, जो रोज़ाना या हफ्ते में कई बार इन मार्गों से सफर करते हैं. अब उन्हें प्रत्येक यात्रा पर फास्टैग से टोल की कटौती करानी होगी.
बता दें अभी तक एनुअल पास की सुविधा यात्रियों को यह राहत देती थी कि एक तय राशि अदा कर वे पूरे साल अनलिमिटेड यात्रा कर सकते थे. लेकिन इन चार एक्सप्रेसवे पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी.
बेहद महत्वपूर्ण हैं ये चार एक्सप्रेस वे
यमुना एक्सप्रेसवे दिल्ली-आगरा मार्ग को जोड़ता है और पर्यटन व वाणिज्य के लिहाज से बेहद अहम है. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पूर्वी यूपी के विकास का मार्ग माना जाता है, वहीं बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पिछड़े इलाके में निवेश और कनेक्टिविटी बढ़ाने का जरिया है. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे भी राजधानी को ताज नगरी से तेज रफ्तार संपर्क देता है.
इन चारों मार्गों पर रोज लाखों वाहन गुजरते हैं और टोल की आय राज्य सरकार की योजनाओं के लिए बड़े राजस्व का स्रोत है. अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को किसी असुविधा से बचाने के लिए टोल प्लाजा पर पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी और फास्टैग से पेमेंट प्रक्रिया को और सुचारु बनाया जाएगा. हालांकि एनुअल पास की सुविधा न होने से यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ना तय है.
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