'राजनीतिक दलों ने समाज में घोला जहर', UGC को लेकर विरोध के बीच संजय निषाद का बड़ा बयान
UGC New Rules: संजय निषाद ने संवैधानिक आरक्षण पदयात्रा की शुरुआत कुशीनगर से की. इस दौरान उन्होंने यूजीसी को लेकर विरोध पर कहा कि समाज में समानता और सभी के लिए अवसर हो.

यूजीसी को लेकर लगातार हो रहे विरोध के बीच यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने बड़ा बयान दिया है. संजय निषाद ने कहा है कि आरक्षण और यूजीसी बिल अवसर प्रदान करता है. सुप्रीम कोर्ट और आयोग को रिपोर्ट पर उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा है कि किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए. हम भी मानते हैं कि समानता का अधिकार होना चाहिए.
डॉक्टर संजय निषाद ने कहा कि भगवान राम और निषादराज की मित्रता जैसी पूर्व की स्थिति थी, लेकिन राजनीतिक दलों ने समाज में जहर घोल दिया है. समाज में समानता हो सभी लोगों के लिए अवसर हो. आरक्षण और यूजीसी बिल अवसर प्रदान करता है.
क्या बोले मंत्री संजय निषाद?
संजय निषाद ने कहा कि पूर्व में महिलाएं गलत आरोप लगाती थी, लेकिन अब गलत आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ भी कार्रवाई हो रही है. पहले सभी लोग मिल बांट कर रोटी खाते थे, लेकिन इन नेताओं ने भेदभाव पैदा किया.
संजय निषाद ने की आरक्षण पदयात्रा की शुरूआत
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर संजय निषाद संवैधानिक आरक्षण पदयात्रा की शुरुआत बुधवार (28 जनवरी) को कुशीनगर से की है. संजय निषाद ने पदयात्रा की शुरुआत भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वान स्थली कुशीनगर से भगवान बुद्ध का दर्शन करने के बाद की.
इस दौरान संजय निषाद ने कहा कि यह पदयात्रा प्रदेश के 75 जनपदों में जाएगी और निषाद समाज के लोगों को जागरूक करेगी. इस पदयात्रा के स्वागत के लिए जनपद में जगह-जगह कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा.
निषाद पार्टी के विधायक विवेकानंद पाण्डेय और डॉक्टर असीम कुमार ने इनके स्वागत की तैयारी की. बीजेपी नेता विजय राय और ब्लाक प्रमुख वशिष्ठ कुमार राय अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ निषाद पार्टी की संवैधानिक आरक्षण पदयात्रा में शामिल हुए.
संजय निषाद ने मीडिया से बातचीत मेंं क्या कहा?
पदयात्रा की शुरुआत के लिए कुशीनगर पहुंचे संजय निषाद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सदियों से लोग अनपढ़ रहे हैं. अंग्रेजों और मुगलों ने सताया और उजाड़ा है. देश मेंं चालीस प्रतिशत लोग भूमिहीन है तो आखिर लोग कैसे पढ़ेंगे.
उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग ऐसे है जिनमेंं पशुता है. कुछ जींस है जो एक्टिव हो जाता है जो कहते है कि हम बड़े है और वे छोटे है. यूजीसी समाज में बनी इसी खाई को समाप्त करेगी. सबको समानता का अधिकार दिलाने के लिए यह कानून लाया गया है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL


























