Middle East War: ईरान ने रखीं सीजफायर की 3 शर्तें, ट्रंप की दो टूक... मिडिल ईस्ट की जंग में अब तक क्या-क्या हुआ? 10 बड़े अपडेट
Middle East War: ईरानी राष्ट्रपति ने इस युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका-इजरायल के सामने तीन शर्तें रखी हैं. हालांकि ट्रंप पहले ही कह चुके हैं ईरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण करना होगा.

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए. इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के कई शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. इसके अलावा जॉर्डन, इराक और खाड़ी के कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया. ईरान की ओर से जवाबी हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ गए. हालांकि अब बातचीत की कोशिश दोनों ओर से शुरू की गई है. जहां ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूसी विदेश मंत्री लावरोव से बातचीत कर रहे हैं, वहीं ट्रंप और पुतिन के बीच इसको लेकर बात हुई है. ईरान युद्ध में अब तक क्या-क्या हुआ है, आइए विस्तार से जानते हैं-
1- US-इजरायल के हमले में मारे गए खामेनेई
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी, 2026 को ईरान के कई सैन्य और नेतृत्व ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और कई शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे गए. इसके बाद ईरान ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले शुरू कर दिए, जिसकी वजह से मिडिल ईस्ट में जंग जैसे हालात बन गए.
2- मिडिल ईस्ट में मरने वालों का आंकड़ा 1700 के पार
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अब तक 1700 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जबकि लोग हजारों घायल हैं. ईरान और इजरायल लगातार एक दूसरे के सैन्य ठिकानों के साथ नागरिकों की आबादी वाले इलाकों को भी निशाना बना रहे हैं. अकेले ईरान में मरने वालों का आंकड़ा 1,200 के पार पहुंच गया है.
3- ईरान ने खाड़ी देशों में दागीं मिसाइलें
अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद ईरान ने जवाबी हमले में खाड़ी देशों को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं. ईरान द्वारा किए गए हमलों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. तेहरान की ओर से पहले ही चेतावनी दी गई थी कि अगर उस पर हमला होगा तो वो खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी एयरबेसों को टारगेट करेगा. ईरान द्वारा किए कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई.
4- अमेरिका ने ईरान के IRIS डेना को डुबोया
हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने 4 मार्च, 2026 को ईरानी युद्धपोत 'IRIS डेना' को टॉरपीडो से डुबो दिया. श्रीलंका ने IRIS डेना से 32 लोगों का रेस्क्यू किया. अमेरिका के इस हमले में कम से कम 80 लोग मारे गए. इस जहाज पर हमला भारत से लौटते समय किया गया था. ईरान ने इस हमले को 'समुद्र में युद्ध अपराध' बताया और कहा कि इसका जवाब दिया जाएगा.
5- ईरानी राष्ट्रपति ने मांगी माफी तो ट्रंप ने भड़काया
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने खाड़ी देशों में हमले को लेकर पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए कहा कि अगर उन देशों से दुश्मन की सेना अटैक नहीं करेगी तो वो भी वहां हमला नहीं करेंगे. उनके सॉरी बोलने को यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप ने हथियार डालना बताया. उन्होंने कहा कि दुश्मन ने अपनी हार मान ली है. हालांकि कुछ ही घंटों के भीतर ईरान ने फिर से खाड़ी देशों पर हमला शुरू कर दिया. पेजेशकियान ने कहा कि दुश्मन ने उनके माफी मांगने का गलत मतलब निकाला.
6- मुज्तबा खामेनेई ईरान के नए सुप्रीम लीडर
ईरान की 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स'ने 9 मार्च को 56 वर्षीय मुज्तबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना है. मुज्तबा को कट्टरपंथी माना जाता है और वे लंबे समय से रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के साथ मिलकर काम कर रहे थे. हालांकि उनके नाम के ऐलान के बाद यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह चयन उन्हें मंजूर नहीं है और दावा किया कि नया नेता शांति से नहीं रह पाएगा.
7- ईरानी राष्ट्रपति ने रखीं सीजफायर की शर्त
ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने इस युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका-इजरायल के सामने तीन शर्तें रखी हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'जायोनी शासन और अमेरिका की वजह से शुरू हुई इस लड़ाई को खत्म करने का एकमात्र तरीका ईरान के कानूनी अधिकारों को पहचानने, हर्जाना देने और भविष्य में हमले के खिलाफ पक्की अंतरराष्ट्रीय गारंटी देने पर टिका है.' उन्होंने कहा कि जब तक इन मुद्दों पर समझौता नहीं होता, तब तक यह युद्ध खत्म करना संभव नहीं होगा.
8- ट्रंप का दावा- बिना शर्त सीजफायर होगा
अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार दावा कर रहे हैं कि ईरान बिना किसी शर्त के सीजफायर करेगा. हालांकि ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है. वो लगातार इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइलें दाग रहा है.
9- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से दुनिया में तेल संकट
अमेरिका और इजरायल ने जब ईरान पर हमला किया तो उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने का ऐलान कर दिया, जिसकी वजह से दुनिया में तेल संकट पैदा हो गया है. दुनिया के करीब 20 फीसदी कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई इसी मार्ग से होती है. ईरान ने ऐलान कर दिया कि अगर इस समुद्री रास्ते से कोई भी जहाज निकला तो हमारी सेना उसको तबाह कर देगी. हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि यूएस आर्मी ने होर्मुज में माइंस बिछाने वाले ईरान के सभी जहाजों को तबाह कर दिया है. उन्होंने सभी रिफाइनरी कंपनियों से कहा कि सभी जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अब बिना किसी डर के गुजरेंगे.
10- मिडिल ईस्ट जंग से पाकिस्तान में तेल का संकट
मिडिल ईस्ट की जंग ने पाकिस्तान में गंभीर तेल संकट पैदा कर दिया है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ऐलान किया है कि सरकारी दफ्तरों में अब सप्ताह में सिर्फ चार दिन ही काम होगा. साथ ही आधे कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे. स्कूलों में दो हफ्ते के लिए छुट्टियां कर दी गई हैं. एम्बुलेंस को छोड़कर, सरकारी गाड़ियों के लिए मिलने वाला ईंधन भत्ता अगले दो महीनों के लिए 50 प्रतिशत कम कर दिया गया है. इसके अलावा केंद्रीय मंत्रियों की विदेश यात्रा में भी कटौती की जाएगी. सिर्फ वही यात्रा की जाएगी जो देश के हित में जरूरी हो. यहां तक कि सरकारी डिनर और इफ्तार पार्टियों पर भी रोक लगा दी गई है.
Source: IOCL


























