अयोध्या: सरकार के इस नीति के चलते कुम्हारों के सामने खड़ा हुआ संकट, उनके बनाये लाखों दीये हुये बेकार
अयोध्या के कुम्हार बेहज निराश है. उनके सामने अब त्यौहार मनाने का संकट है. दीये के लिये ई टेंडरिंग के चलते इनके बनाये हुये दीपक अब किसी काम के नहीं रहे.

अयोध्या: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अयोध्या में दीपोत्सव पर्व मनाने के बाद से दीपक बनाने वाले कुम्हारों के दिन बहुर गए थे. अयोध्या शहर की करीब गांव के 40 कुम्हार परिवार दीपोत्सव पर्व के लिए ही लगभग 500000 दीपक सप्लाई करते थे, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति सुधर रही थी. इसीलिए इस बार भी पहले से कुम्हारों के गांव के परिवारों ने लगभग 3 से चार लाख दीपक एडवांस में बना लिए थे, जिससे ऑर्डर मिलने के बाद समय रहते उसकी डिलीवरी की जा सके.
ई-टेंडरिंग से ऑर्डर
लेकिन इस बार दीपोत्सव में जलाए जाने वाले दीपकों की सप्लाई के लिए ई टेंडरिंग कर दी गई, जिससे अब दीपक लखनऊ से बनकर अयोध्या पहुंचेंगे. यही कारण है कि अब जो 40 कुम्हार परिवारों ने दीपक बना लिए हैं, उसको बेचने का संकट खड़ा हो ही गया है. साथ ही साथ उन को होने वाली आय भी रुक गई है. खास बात यह है कि दीपोत्सव के लिए जो दीपक प्रयोग होते हैं, उसमें 30 मिलीलीटर तेल आना चाहिए, इसीलिए वह ना तो छोटे होते हैं और ना ही बड़े जबकि आमतौर पर दीपावली के समय जो घरों में दीपक जलाए जाते हैं वह अपेक्षाकृत इनसे छोटे होते हैं, इसीलिए अब दीपक बनाने वाले कुम्हार कह रहे हैं की जितनी बड़ी तादाद में उन्होंने दीपोत्सव के लिए दीपक बनाए हैं उन्हें अब बेचे कहां ?
निराश हुये कुम्हार
कुम्हार दीपक का कहना है कि पूरे गांव में चार लाख दीपक बन करके तैयार हो गए हैं लेकिन इस बार ई टेंडर हो गया है, इसलिए दीपक नहीं जा रहा है. 4 सालों से हम दीपक बना रहे हैं. जबसे योगी जी दीप जलाने लगे हैं तब से हम दीपक बना रहे हैं. पिछली बार हम लोगों ने 600000 दीपक बनाए थे इस बार हम लोगों को आर्डर नहीं मिला है. इस बार हम लोगों की दीपावली खराब होगी.
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