TMC के विलय के दावों के बीच इस नेता ने ममता बनर्जी को बताया 'दुस्साहसी बच्चा', कांग्रेस के लिए कहा- वो मां की तरह...
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में तृणमूल कांग्रेस के विलय के दावों के बीच पार्टी के एक नेता ने ममता बनर्जी को दुस्साहसी नेता बताते हुए अपनी पार्टी को मां बताया है.

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और उत्तर प्रदेश स्थित कुशीनगर के तमकुहीराज से पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू ने पार्टी में तृणमूल कांग्रेस के विलय पर बड़ी टिप्पणी की है. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता बनर्जी को 'दुस्साहसी बच्चा' बताते हुए कांग्रेस को 'मां' का दर्जा दिया है. कांग्रेस की यूपी इकाई के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने लिखा कि यही है कांग्रेस ! हमेशा साथ देने वाली! हमेशा साथ रहने वाली!
लल्लू ने लिखा कि 70 के दशक में कांग्रेस के छात्र परिषद से अपनी शुरुआत करने वाली ममता बनर्जी को कांग्रेस ने 1984 में हैवीवेट कम्युनिस्ट नेता सोमनाथ चटर्जी के ख़िलाफ़ जादवपुर लोकसभा क्षेत्र से खड़ा करके उन पर भरोसा जताया. ममता भरोसे पर खरी उतरीं उन्होंने चुनाव जीत लिया. राजीव गांधी के समर्थन ने ममता को ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस का महासचिव बनाया. हालांकि ममता 1989 का अपना चुनाव हार गईं फिर भी राजीव ने अपना समर्थन जारी रखा और अब ममता को पश्चिम बंगाल यूथ का अध्यक्ष बनाया. राजीव गांधी ने एक झटके में ममता को पश्चिम बंगाल में यूथ का सबसे बड़ा चेहरा बना दिया था. लेकिन 16 अगस्त 1990, को हज़रा क्रासिंग कोलकाता में जब ममता बनर्जी एक रैली को संबोधित कर रही थीं तभी CPI(M) के कार्यकर्ताओं ने उनपर हमला कर दिया. हमला मोटी और भारी लाठियों से किया गया था.
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'लाठी सीधे ममता बनर्जी के खोपड़ी में मारी गई...'
उन्होंने लिखा कि एक लाठी सीधे ममता बनर्जी के खोपड़ी में मारी गई और उनकी खोपड़ी में फ्रैक्चर हो गया. लहूलुहान ममता बनर्जी को अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन जब राजीव गांधी को पता चला तो उन्होंने ममता को कोलकाता के सबसे प्रतिष्ठित वुडलैंड्स अस्पताल में भर्ती करवाया. राजीव ने ममता के इलाज का पूरा खर्च वहन किया. यहाँ तक कि उन्होंने ममता को USA भेजकर इलाज करवाने की भी योजना बना ली थी.
पूर्व विधायक ने लिखा कि राजीव, चुनाव के दौरान ही इस दुनिया को छोड़कर चले गए लेकिन वो ममता बनर्जी के लिए कोलकाता साउथ की लोकसभा सीट सुनिश्चित करके गए थे. ममता चुनाव जीतीं और उन्हें मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री बनाया गया. उन्हें मानव संसाधन विकास, युवा मामले और खेल तथा महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री (केंद्रीय) के रूप में भी नियुक्त किया गया.
उन्होंने लिखा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी, ममता बनर्जी को अपनी छोटी बहन मानते थे और सोनिया गांधी भी उन्हें अपनी बहन मानती हैं. लेकिन कांग्रेस के कठिन समय में ममता ने कांग्रेस के साथ सौतेला व्यवहार किया. राजीव के जाने के बाद कांग्रेस कमजोर पड़ रही थी और ममता ने कांग्रेस के ख़िलाफ़ बोलना शुरू कर दिया. ममता ने उस कांग्रेस के ऊपर लेफ्ट के करीब जाने का आरोप लगाया जिसके ख़िलाफ़ ख़ुद कांग्रेस ने ही उन्हें मजबूत किया था. विवाद बढ़ा और ममता बनर्जी ने न सिर्फ़ अपनी पार्टी AITMC बना ली बल्कि एक सांप्रदायिक दल बीजेपी के साथ जाकर खड़ी हो गईं..
'जिस कांग्रेस ने उन्हें खड़ा किया था...'
कांग्रेस नेता ने लिखा कि जिस कांग्रेस ने उन्हें खड़ा किया था ममता अब उसी कांग्रेस को तबाह करने में लग गईं. इस तबाही ने उन्हें मुख्यमंत्री तो बना दिया लेकिन इससे उन्होंने जाने अनजाने बीजेपी को मजबूत बना डाला. 2021 में लगातार 3 बार INDIA गठबंधन की बैठक में बुलाने के बावजूद वो शामिल नहीं हुईं. 2024 में भी उन्होंने गठबंधन और कांग्रेस के ख़िलाफ़ अपना रूख जारी रखा. वो और उनकी पार्टी कभी भी राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ अभियान से नहीं जुड़े. यहाँ तक कि EVM में धांधली के आरोप का उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी द्वारा विरोध भी किया गया. इन सबका परिणाम आना ही था. 2026 के चुनाव में बीजेपी ने चुनाव आयोग समेत पूरी सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल करके न सिर्फ़ ममता को हरा दिया बल्कि अब उनकी पार्टी भी टूट रही है.
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उन्होंने लिखा कि इस बुरे दौर में एकबार फिर जब उन्होंने कांग्रेस की तरफ़ देखा तो जैसे माँ अपने दुस्साहसी बच्चे को माफ़ कर देती है कांग्रेस ने भी फ़ौरन उन्हें माफ़ कर दिया और उनके साथ खड़ी हो गई. एक बार फिर से राहुल गांधी जी, सोनिया गांधी और पूरी कांग्रेस उनके साथ खड़ी है. यही है कांग्रेस ! हमेशा साथ देने वाली ! हमेशा साथ रहने वाली ! जय हिन्द, जय संविधान...






















