शंकराचार्य पर रामभद्राचार्य के शिष्य के दबाव में आशुतोष ने कराई थी फर्जी FIR! अब बताई सच्चाई
Shankaracharya Avimukteshwaranand News: आशुतोष ब्रह्मचारी ने दो दिन पहले जारी एक वीडियो में आशंका जताई थी कि आने वाले दिनों में जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज की हत्या हो सकती है.

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज कराया गया मुकदमा उन्होंने दबाव में आकर किया था. उनका आरोप है कि इसके पीछे रामचंद्र दास और अन्य लोग शामिल थे, उन्होंने कहा कि यदि उन्हें कोई नुकसान पहुंचता है तो इसके लिए रामचंद्र दास जिम्मेदार होंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले से जुड़े कई अन्य खुलासे वह जल्द करेंगे.
आशुतोष ब्रह्मचारी ने लखनऊ पुलिस को पत्र भेजकर अपनी हत्या की आशंका दोहराई है. उन्होंने 7 जून को लखनऊ में जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज से मुलाकात नहीं हो पाने के मामले को भी शिकायत में शामिल करते हुए अपने गुरु भाई रामचंद्र दास उर्फ जय मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
आशुतोष ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य की हत्या की आशंका जताई
आशुतोष ब्रह्मचारी ने दो दिन पहले जारी एक वीडियो में आशंका जताई थी कि आने वाले दिनों में जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज की हत्या हो सकती है. वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया था कि यदि उनके गुरु को कोई नुकसान पहुंचता है तो इसके लिए कुछ विशेष लोग जिम्मेदार होंगे. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास इस संबंध में सबूत मौजूद हैं.
FIR वापस लेने के लिए दबाव का आरोप
आशुतोष ब्रह्मचारी ने एक अन्य बयान में आरोप लगाया कि पहले उन पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ FIR दर्ज कराने का दबाव बनाया गया और अब उसे वापस लेने के लिए दबाव डाला जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि इसके लिए उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है.
वहीं आशुतोष ब्रह्मचारी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने इसे उनकी और उनके उत्तराधिकारी जय महाराज की छवि धूमिल करने की साजिश बताया है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से उन्हें मानसिक आघात पहुंचा है. रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि वह देश-विदेश में धार्मिक कार्यक्रमों में जाते रहते हैं और बड़ी संख्या में लोगों से उनका संपर्क रहता है. ऐसे में इस प्रकार के आरोप बेहद आश्चर्यजनक हैं. उन्होंने आशंका जताई कि उनकी प्रतिष्ठा और तुलसी पीठ की गरिमा को नुकसान पहुंचाने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है.
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रामभद्राचार्य महाराज ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार का दुष्प्रचार किया जा रहा है तो उसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए. रामभद्राचार्य ने अपनी और अपने उत्तराधिकारी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है.
रामभद्राचार्य महाराज से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद
इस बीच श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के मुख्य वादी आशुतोष ब्रह्मचारी ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को विस्तृत शिकायत भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने दावा किया कि उनके पास रामभद्राचार्य महाराज से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिन्हें वह किसी सक्षम जांच एजेंसी को सौंपने के लिए तैयार हैं. उन्होंने वायरल वीडियो, उससे जुड़े व्यक्तियों और विशेष रूप से रामचंद्र दास उर्फ जय मिश्रा की भूमिका की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.























