राम मंदिर दान चोरी के लिए कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि पहले जिम्मेदार, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान
Swami Avimukteshranand: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इसके लिए पहली जिम्मेदारी कोषाध्यक्ष की बनती है.

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बड़ा बयान दिया हैं. उन्होंने कहा कि राम मंदिर को मिले दान में चोरी मामले में मुख्य तौर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी बनती हैं. बावजूद इसके महासचिव चंपत राय के नाम को सबसे ऊपर रखा जा रहा है. उन्होंने सवाल किया कि ये कैसा न्याय है?
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर मामले पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि चढ़ावा चोरी मामले में मुख्य जिम्मेदारी श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि की हैं. इसके बाद दूसरा नंबर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा का नाम हैं और तीसरे नंबर चंपत राय की जिम्मेदारी बनती हैं लेकिन फिर भी, आप चंपत राय को पहले नंबर पर रख रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये कैसा न्याय है?
कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि को बताया जिम्मेदार
शंकराचार्य का ये बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा दोनों अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बयान जारी करके इस्तीफे की पुष्टि की है कि ट्रस्ट को दोनों सदस्यों के इस्तीफे मिल चुके हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि का नाम क्यों नहीं आ रहा है. उन्हें भी जाँच के दायरे में रखना चाहिए.
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ज़मीन की ख़रीद-फरोख्त में भी हेरा-फेरी का आरोप
अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर में सिर्फ चढ़ावा चोरी की ही बात नहीं है बल्कि वहां ज़मीन की ख़रीद-फरोख्त में भी हेरा-फेरी की गई है. उन्होंने कहा कि इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच की जानी चाहिए. नहीं तो सच्चाई कभी सामने नहीं आ पाएगी.
बता दें अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इन दिनों प्रदेश में गो सरंक्षण को लेकर यात्रा कर रहे हैं. उनकी माँग है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए. इसी क्रम में वो यूपी के रामपुर जनपद पहुंचे थे, जहां उन्होंने अयोध्या मामले पर ये बात कही है. इसके बाद वो यहां से आगे के लिए रवाना हो गए हैं.
























