Shilp Mela 2023: वाराणसी के सांस्कृतिक संकुल में सजा शिल्प मेला, खानपान के साथ खरीदारी का है सुनहरा मौका
Varanasi Shilp Mela: वाराणसी में शॉपिंग और खानपान के शौकीनों को मंच मिला है. शिल्प मेले से फायदा उठाने का मौका 11 नवंबर तक है. लोगों के लिए पार्किंग सुविधा से लेकर अच्छी लाइटिंग का ध्यान रखा गया है.

Varanasi News: वाराणसी के चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल में शिल्प मेले की शुरुआत हो चुकी है. मेले में प्रमुख तौर पर देश की सबसे बड़ी हस्तशिल्प और हथकरघा प्रदर्शनी लगाई गई है. हस्तशिल्प और हथकरघा प्रदर्शनी में शिल्पकार और बुनकर खास प्रोडक्ट्स लाए हैं. अलग-अलग राज्यों के खानपान की संस्कृति की भी झलक देखने को मिल रही है. स्टॉल पर अलग-अलग स्वाद का मजा लेने के लिए पर्यटक पहुंच रहे हैं. प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प एवं हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देने और बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है. शिल्पकारों और बुनकरों के लिए शिल्प मेला कारोबार का बेहतरीन मंच उपलब्ध कराता है.
शिल्पकारों और बुनकरों को मिला मंच
आयोजन सामाजिक विकास सेवा समिति की तरफ से किया गया है. मेले में अलग-अलग उत्पादों के 90 स्टॉल लगाए गए हैं. उत्तराखंड की सदरी, दिल्ली का लेदर बैग, भागलपुर का सूट, सहारनपुर का शानदार फर्नीचर, कश्मीर की शाल, भदोही की कालीन लोगों को आकर्षित कर रही है. सांस्कृतिक संकुल में शिल्प मेले के लिए आयोजक की तरफ से विशेष तैयारी की गई है. पार्किंग सुविधा से लेकर अच्छी लाइटिंग का ध्यान रखा गया है.
11 नवंबर को खत्म होगा शिल्प मेला
शिल्प मेले को आकर्षक बनाने में आयोजक की तरफ कोई कसर नहीं छोड़ी गई है. शुरुआती दिनों में लोगों की कम संख्या पहुंच रही है. उम्मीद जताई जा रही है कि नवरात्र में लोगों की भीड़ बढ़ेगी. दीपावली की खरीदारी करने भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे. शिल्प मेले का समापन 11 नवंबर को होगा. भारत में पर्व के नजदीक आने पर मेले की रौनक बढ़ जाती है. ठंड आने से पहले कश्मीरी शाल की बिक्री में इजाफा होगा. हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पाद लोगों को खूब भाते हैं. सामाजिक विकास सेवा समिति ने शिल्पकारों और बुनकरों को मंच मुहैया करने का काम किया है. शिल्प मेले में बनारस की साड़ी का जबरदस्त क्रेज है.
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