संभल में बुलडोजर एक्शन से पहले ही आधी रात को हथौड़े से तोड़ डाली अवैध मस्जिद, जानें पूरा मामला
UP News: संभल में एसडीएम कोर्ट के आदेश के बाद ग्राम समाज की भूमि पर बनी अवैध मस्जिद को ग्रामीणों ने प्रशासन के बुलडोजर के आने से पहले खुद ही तोड़ लिया.

उत्तर प्रदेश के संभल में एसडीएम कोर्ट के आदेश के बाद ग्राम समाज की भूमि पर बनी अवैध मस्जिद को ग्रामीणों ने प्रशासन के बुलडोजर के आने से पहले खुद ही तोड़ लिया. प्रशासन के आदेश के बाद 439 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनी मस्जिद को ग्रामीणों ने खुद ही हटा लिया है.
मौके पर तहसीलदार समेत प्रशासनिक अमले की पूरी टीम और पुलिस फोर्स पहुंच गई है. बुल्डोजर भी लाए गए हैं लेकिन पहले ही अवैध निर्माण को लोगों ने हटा लिया है. हालांकि, जब प्रशासनिक टीम पहुंची तो लोगों की भीड़ जुट गई. लोगों की आंखों में आक्रोश था, पर पुलिस फोर्स की मौजूदगी के कारण कोई विरोध-प्रदर्शन नहीं हुआ.
अवैध कब्जा कर बनाई गई थी मस्जिद
इस दौरान तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा- 14 जून 2018 को लेखपाल द्वारा रिपोर्ट दी गई थी कि हाजी शमीम ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर मस्जिद का निर्माण कराया है. इसी रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार न्यायालय में ग्राम सभा बनाम हाजी शमीम मुतव्वली के नाम से मामला दर्ज कर सुनवाई की गई. गरीबों के लिए आवंटित सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करके मस्जिद का निर्माण किया गया था.
कोर्ट से काफी पहले ही मस्जिद को हटाने का ऑर्डर कर लिया गया था. नोटिस भी जारी हुआ था, पर ये लोग हटा नहीं रहे थे. आज ही मियाद नोटिस की पूरी होनी थी. हम आज बुलडोजर लेकर पहुंचे तो पहले से ही मस्जिद का अवैध निर्माण पूरी तरह से टूटा हुआ था.
गरीबों को वितरित जाएगा पट्टा
तहसीलदार ने बताया कि अवैध निर्माण टूट चुका है. अब आज और अभी ही गरीबों को पट्टा बांटने का काम किया जाएगा. यह मामला थाना ऐंचौड़ा कम्बोह क्षेत्र के गांव सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर का है. यहां गाटा संख्या 641 की नवीन पर्ती श्रेणी की 439 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर अवैध रूप से मस्जिद का पक्का निर्माण कराया गया था.
तहसील कोर्ट ने जारी किया बेदखली का आदेश
तहसीलदार कोर्ट में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई के बाद हाजी शमीम के खिलाफ बेदखली के आदेश जारी किए गए. साथ ही सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में उन पर 8.78 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. बीते शनिवार को मस्जिद से जुड़े लोगों ने निर्माण में लगी हजारों ईंटें, पांच लकड़ी के दरवाजे, लोहे के दरवाजे और अन्य सामग्री को बचाने के लिए खुद ही तोड़फोड़ कर हटाना शुरू कर दिया था.
प्रशासन ने पहले से ही कार्रवाई के लिए दो नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए थे. रविवार सुबह करीब 8 बजे तक मस्जिद का पूरा निर्माण हटा दिया गया और भूमि को समतल कर दिया गया.
ग्राम सभा के कब्जे से वापस ली गई भूमि
तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यह पूरा मामला 0.212 हेक्टेयर सरकारी भूमि से जुड़ा है. अवैध कब्जा हटाने के साथ ही भूमि को ग्राम सभा के कब्जे में वापस ले लिया गया है. प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों से जुर्माने की वसूली भी की जाएगी.
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Source: IOCL























