ऋषिकेश में बंजी जंपिंग स्टेशनों पर सख्ती, SOP लागू; नियमावली तैयार करने में जुटा पर्यटन विभाग
Uttarakhand News: ऋषिकेश देश के प्रमुख बंजी जंपिंग केंद्रों में तेजी से उभर रहा है. हर साल यहां हजारों पर्यटक रोमांच का अनुभव लेने पहुंचते हैं. हालांकि अब तक इस क्षेत्र में स्पष्ट नियमावली का अभाव था.

ऋषिकेश सहित पूरे उत्तराखंड में बंजी जंपिंग स्टेशनों के लिए अब सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है. पर्यटन विभाग ने सभी बंजी जंपिंग साइट्स के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू कर दी है और इसके साथ ही एक विस्तृत नियमावली तैयार करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है. इस कदम का उद्देश्य साहसिक खेलों में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर रोक लगाना है.
ऋषिकेश देश के प्रमुख बंजी जंपिंग केंद्रों में तेजी से उभर रहा है. हर साल यहां हजारों पर्यटक रोमांच का अनुभव लेने पहुंचते हैं. हालांकि, अब तक इस क्षेत्र में स्पष्ट नियमावली का अभाव था, जिसके कारण कई बार सुरक्षा मानकों को लागू करना चुनौतीपूर्ण हो जाता था. अब पर्यटन विभाग इस कमी को दूर करने के लिए ठोस कदम उठा रहा है.
दरअसल, पिछले वर्ष हिमालयन थ्रिल बंजी जंपिंग स्टेशन पर एक हादसे में एक पर्यटक गंभीर रूप से घायल हो गया था. इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए थे. इसके बाद विभाग ने आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से बंजी जंपिंग स्टेशनों का निरीक्षण कराया. वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में कई महत्वपूर्ण सुरक्षा सिफारिशें तैयार की गईं, जिन्हें अब एसओपी के रूप में लागू किया जा रहा है.
नई एसओपी के तहत बंजी जंपिंग साइट्स को अन्य गतिविधियों से पूरी तरह अलग रखना अनिवार्य किया गया है. जंप मास्टर के लिए पर्वतारोहण संस्थान से प्रशिक्षण और आवश्यक तकनीकी योग्यता होना जरूरी है. इसके अलावा कर्मचारियों को भी न्यूनतम एक वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाना अनिवार्य किया गया है. पर्यटकों की सुरक्षा के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य किया गया है. इसके साथ ही, हर पर्यटक का पूरा विवरण जैसे नाम, पता, संपर्क और पहचान पत्र संग्रहित कर आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज करना होगा. प्रत्येक जंप से पहले सुरक्षा चेकलिस्ट का पालन और उसका दैनिक रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य होगा.
जंपिंग प्लेटफार्म पर सीसीटीवी कैमरे किए अनिवार्य
तकनीकी उपकरणों के उपयोग में भी सख्ती बरती गई है. सभी उपकरणों का डिजिटल लॉग में रिकॉर्ड रखना होगा और केवल आईएसओ प्रमाणित बंजी कॉर्ड का उपयोग किया जाएगा. इसके साथ ही सीट हार्नेस, रोप और अन्य उपकरणों के लिए यूआईएए, सीई और बीआईएस जैसे प्रमाणन जरूरी होंगे. सुरक्षा निगरानी के लिए सभी जंपिंग प्लेटफार्म पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाना अनिवार्य किया गया है. इसके साथ ही प्लेटफार्म पर संभावित खतरों और सुरक्षा निर्देशों से जुड़े संकेत स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे. प्रबंधकीय पदों पर भी तकनीकी रूप से प्रशिक्षित कर्मियों की नियुक्ति जरूरी होगी.
विभागीय टीम समय-समय पर करती हैं औचक निरीक्षण
शिवपुरी और मोहनचट्टी जैसे प्रमुख बंजी जंपिंग स्थलों पर इन नियमों के क्रियान्वयन की निगरानी शुरू कर दी गई है. विभागीय टीमें समय-समय पर औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की जांच करेंगी. जिला साहसिक खेल एवं पर्यटन अधिकारी जसपाल सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि एसओपी का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में पर्यटकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा.
बंजी जंपिंग कई सालों से लोकप्रिय हुआ
उत्तराखंड में वर्ष 2017 से शुरू हुआ बंजी जंपिंग का यह रोमांचक खेल पिछले कुछ वर्षों में तेजी से लोकप्रिय हुआ है. सोशल मीडिया पर इसके वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे युवाओं सहित सभी आयु वर्ग के लोगों में इसके प्रति आकर्षण बढ़ा है. ऐसे में अब सख्त नियमों और स्पष्ट दिशा-निर्देशों का लागू होना समय की जरूरत माना जा रहा है.
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Source: IOCL



























