मुजफ्फरनगर: मां-बेटे को उतारा था मौत के घाट, अब 15 साल बाद आरोपी को फांसी की सजा
Muzaffarnagar News In Hindi: मुजफ्फरनगर में 15 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में अदालत ने आरोपी को फांसी का सजा सुनाई है. आरोपी ने मां-बेटे की निर्मम हत्या की थी.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में 15 साल पुराने क्रूर दोहरे हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. अपर सत्र न्यायालय (फास्ट ट्रैक कोर्ट-3) ने आरोपी रईस उर्फ जहूर हसन को फांसी की सजा सुनाई है. कोर्ट ने आरोपी पर 5 लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है.
मां-बेटे की निर्मम हत्या, जंगल में मिले क्षत-विक्षत शव
7 नवंबर 2011 को चरथावल थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी राजेश देवी अपने 6 वर्षीय बेटे हिमांशु के साथ रुड़की स्थित अपनी बेटी के घर जा रही थीं. इसके बाद दोनों लापता हो गए. छह दिन बाद 13 नवंबर को जंगल से मां-बेटे के क्षत-विक्षत शव बरामद किए गए. पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी.
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पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि राजेश देवी का आरोपी रईस उर्फ जहूर हसन (बरेली निवासी) से अवैध संबंध थे. महिला आरोपी पर शादी करने या साथ रहने का दबाव बना रही थी. इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने दोनों को जंगल में ले जाकर ईंट से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया.
15 साल बाद मिला इंसाफ, कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा
करीब 15 वर्ष तक चली सुनवाई के बाद न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत फांसी की सजा सुनाई. साथ ही 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. साक्ष्य छिपाने के मामले में कोर्ट ने 7 वर्ष की कैद और 1 लाख रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया है.
सरकारी अधिवक्ता कुलदीप कुमार ने कहा कि इस मामले में विवेचक की भूमिका अहम रही. पुलिस ने अज्ञात रिपोर्ट पर काम करते हुए आरोपी को पकड़ा और मजबूत साक्ष्य पेश किए. यह फैसला लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे पीड़ित परिवार के लिए राहत भरा है.
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